कानून-व्यवस्था पर हाई अलर्ट: डीजीपी अरुण देव गौतम ने गश्त, आसूचना और थाने की जवाबदेही कड़ी की
बिलासपुर में डीजीपी की सख्त समीक्षा: लूट पर त्वरित कार्रवाई की सराहना, दोहराव रोकने के स्पष्ट निर्देश

बिलासपुर.. छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, बिलासपुर रेंज के सभागार में जिले के राजपत्रित अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में आईजी रामगोपाल गर्ग, नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय सहित पुलिस और अग्निशमन विभाग के सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।
लूट पर 24 घंटे में कार्रवाई की सराहना
डीजीपी ने बिलासपुर के राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसायी से हुई लूट की घटना की बारीकी से समीक्षा की। 24 घंटे के भीतर अंतर्राज्यीय समन्वय के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी और माल बरामदगी की प्रशंसा की, साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने गश्त-पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल-लॉज निरीक्षण और आसूचना तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया। सराफा, बैंक और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की नियमित जांच, सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों की पड़ताल को अनिवार्य प्राथमिकता में रखने को कहा।
थानों में गुणवत्ता पर फोकस
डीजीपी ने राजपत्रित अधिकारियों को थानों का गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फरियादियों की बात गंभीरता से सुनी जाए, थाना प्रभारी स्वयं रिपोर्ट सुनें और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर सीधा पर्यवेक्षण रखें। नाकेबंदी व्यवस्था दुरुस्त करने और संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की सूक्ष्म जांच पर भी विशेष जोर दिया गया।
विवेचना और ई-प्रक्रिया में तेजी
संयुक्त संचालक अभियोजन को विवेचना की गुणवत्ता सुधारने, आईसीजेएस के तहत ई-चालान और ई-साक्ष्य प्रणाली को अदालत-थाना समन्वय के साथ प्रभावी रूप से लागू करने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि मामलों का त्वरित निष्पादन हो सके।
फायर सेफ्टी और ऑडिट पर विस्तृत रिपोर्ट
नगर सेना और अग्निशमन अधिकारियों के साथ फायर सेफ्टी और फायर ऑडिट की स्थिति पर चर्चा हुई। सिरगिट्टी और मोपका में हुए हालिया अग्निकांडों पर विस्तृत पर्यवेक्षण रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में रोकथाम के ठोस कदम पहले से उठाए जा सकें।
रेंज स्तर पर सतत मॉनिटरिंग
डीजीपी ने आईजी को रेंज के सभी जिलों में पुलिस कार्यप्रणाली की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और बैठक में दिए गए निर्देशों को जमीन पर उतारने के लिए नियमित समीक्षा करने को कहा।





