gold silver price-बजट के दिन सोने-चांदी की कीमतों में भारी भूचाल, चांदी 10 फीसदी तक टूटी, आखिर क्यों धड़ाम हुए दाम?
बजट के अवसर पर रविवार को खुले एमसीएक्स बाजार में मार्च डिलीवरी वाली चांदी में करीब 22,626 रुपये की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 2,69,299 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। शुरुआती कारोबार के दौरान तो गिरावट 9 प्रतिशत से भी अधिक रही, जिससे चांदी की कीमतें 2,65,652 रुपये तक गिर गई थीं।

gold silver price-मुंबई: देश के आम बजट 2026-27 की हलचल के बीच आज रविवार को कमोडिटी मार्केट से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पिछले दो दिनों से जारी मंदी के बाद, आज सुबह के विशेष सत्र में चांदी और सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के दाम करीब 10 प्रतिशत तक गोता लगा गए, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। वैश्विक बाजारों में धातुओं की भारी बिकवाली और अमेरिकी राजनीति में हो रहे बदलावों का सीधा असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
बजट के अवसर पर रविवार को खुले एमसीएक्स बाजार में मार्च डिलीवरी वाली चांदी में करीब 22,626 रुपये की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 2,69,299 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। शुरुआती कारोबार के दौरान तो गिरावट 9 प्रतिशत से भी अधिक रही, जिससे चांदी की कीमतें 2,65,652 रुपये तक गिर गई थीं।gold silver price
बाजार के जानकारों के लिए यह गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से चांदी अब तक लगभग 36 प्रतिशत तक टूट चुकी है। चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी आज फीकी रही। फरवरी डिलीवरी वाला सोना 3.59 प्रतिशत यानी करीब 5,368 रुपये गिरकर 1,44,285 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जबकि इंट्रा-डे कारोबार में इसने 1,36,185 रुपये का निचला स्तर भी छुआ।
कीमती धातुओं में आई इस सुनामी के पीछे मुख्य कारण सात समंदर पार अमेरिका से जुड़ी एक बड़ी खबर को माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेडरल रिजर्व का नया चेयरमैन बनाए जाने की संभावनाओं ने अंतरराष्ट्रीय बाजार को हिला दिया है।
केविन वार्श को ‘हॉकिश’ (कठोर) नीति वाला माना जाता है, जो ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकते हैं। इस खबर से वैश्विक स्तर पर डॉलर को मजबूती मिली है और नियम यह कहता है कि जब-जब डॉलर मजबूत होता है, सोने और चांदी जैसी धातुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।gold silver price
बाजार विश्लेषकों का यह भी मानना है कि इस गिरावट के पीछे सट्टेबाजी और बड़े पैमाने पर की जा रही मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) का भी बड़ा हाथ है। पिछले कुछ समय में शेयर बाजार की अस्थिरता के कारण निवेशकों ने सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश मानकर भारी खरीदारी की थी, जिससे कीमतें उनकी वास्तविक मजबूती से काफी ऊपर निकल गई थीं। अब जब डॉलर मजबूत हो रहा है, तो निवेशक अपना मुनाफा निकालकर बाहर निकल रहे हैं।




