सीधा दरबार”: गली की दीवार से पेंशन तक, कलेक्टर के सामने खुलीं लोगों की असली परेशानियां
जमीन, रास्ता, पेंशन, प्रमाण पत्र… हर मुद्दे पर तुरंत एक्शन का संकेत

बिलासपुर…मंगलवार का जनदर्शन इस बार सिर्फ औपचारिक सुनवाई नहीं रहा, बल्कि सीधे समाधान का मंच बनता नजर आया। कलेक्टर संजय अग्रवाल के सामने शहर से लेकर गांव तक के लोग अपनी-अपनी परेशानियां लेकर पहुंचे—और कई मामलों में वहीं से कार्रवाई की दिशा तय हो गई।
एक गली, एक दीवार… और रोज की परेशानी
ग्राम कछार से आए सुरेश बंजारे ने बताया कि घर के सामने गली में दीवार खड़ी कर रास्ता संकरा कर दिया गया है। रोज का आना-जाना मुश्किल हो गया है। कलेक्टर ने मामला एसडीओ को सौंपा और साफ कहा—जांच करो, रास्ता साफ होना चाहिए।
पेंशन की उम्मीद लेकर पहुंची विधवा
शहर की उत्तरा यादव ने विधवा पेंशन की मांग रखी। मामला सीधा समाज कल्याण विभाग को गया, जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जमीन पर कब्जा, खेत तक पहुंच भी मुश्किल
जरोंधा के परमानंद कौशिक की शिकायत ज्यादा गंभीर थी। जमीन पर कब्जा, रास्ते में कीचड़ बहाकर रुकावट—यहां तक कि कोर्ट का आदेश भी लागू नहीं हुआ। कलेक्टर ने संकेत दिया कि अब इस मामले में ढिलाई नहीं चलेगी।
50 साल से रह रहे, फिर भी ‘कागज’ अधूरा
देवरीखुर्द के पुरुषोत्तम दास ने बताया कि आधी सदी से रह रहे हैं, पट्टा भी है, लेकिन स्वामित्व कार्ड नहीं मिला। कलेक्टर ने एसडीओ मस्तुरी को साफ निर्देश दिए—मामला लंबित नहीं रहना चाहिए।
लंबित फाइलों की कहानी
चिचिरदा के धनीराम कौशिक सीमांकन के लिए भटक रहे हैं, आदेश के बावजूद काम नहीं हुआ। वहीं नगपुरा की रूचि नेताम जाति प्रमाण पत्र के इंतजार में हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई।
अधिकारियों की मौजूदगी, मौके पर फैसले
जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे। कई आवेदनों पर मौके पर ही निर्देश दिए गए—संकेत साफ है, अब फाइलें सिर्फ घूमेंगी नहीं, आगे बढ़ेंगी।





