रिवरव्यू में ‘फायर शो’ ने बदली सोच: आग से लड़ना सिखा गई नगर सेना, डर पर भारी पड़ी समझदारी
अग्निशमन सेवा सप्ताह में लाइव मॉक ड्रिल, लोगों ने खुद बुझाई आग

बिलासपुर…आग से बचाव अब सिर्फ दमकल की जिम्मेदारी नहीं—रिवरव्यू तट पर हुए फायर शो ने यह धारणा बदल दी। अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत नगर सेना ने ऐसा लाइव प्रदर्शन किया, जहां दर्शक सिर्फ देखने नहीं, बल्कि खुद सीखने और करने के लिए आगे आए।
14 से 20 अप्रैल तक चल रहे इस अभियान में शनिवार को रिवरव्यू पर आयोजित मॉक ड्रिल ने लोगों को सीधे आपदा की स्थिति से रूबरू कराया। गैस सिलेंडर में आग लगने जैसे हालात को सामने रखकर टीम ने दिखाया कि घबराहट नहीं, सही तकनीक ही सबसे बड़ा हथियार है। गीले बोरे जैसे साधारण उपाय से आग पर काबू पाने का तरीका जब मंच पर दिखा, तो कई लोगों ने खुद आगे आकर इसे दोहराया।
कार्यक्रम की खासियत यही रही कि आम नागरिक दर्शक नहीं रहे। अधिकारियों के प्रोत्साहन पर लोगों ने खुद सिलेंडर की आग बुझाई, फायर एक्सटिंगुइशर चलाया और आपात स्थिति में शुरुआती प्रतिक्रिया कैसे दी जाए, यह सीखा। मैदान में यह भागीदारी बताती रही कि जागरूकता जब व्यवहार में उतरती है, तभी असर दिखता है।
अभियान के दौरान सुरक्षा जागरूकता फैलाने वाले कर्मियों और सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंच से अधिकारियों ने साफ कहा—आग लगने की स्थिति में पहली चूक घबराहट होती है, जबकि सबसे बड़ा बचाव सतर्कता और तैयारी है। लोगों से अपील की गई कि किसी भी घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग को दें और प्राथमिक बचाव के तरीकों को जरूर जानें।
जिला सेनानी दीपांकुर नाथ, सीएसपी कोतवाली गगन कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने इस संदेश को और मजबूत किया कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और सतत अभियान है, जो 20 अप्रैल तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में जारी रहेगा।





