आखिरकार पकड़ में आए… रोड जाम कर बर्थडे मनाने वाले 7 युवक गिरफ्तार

सूरजपुर: ।अम्बिकापुर-बनारस मार्ग पर बीच सड़क गाड़ी खड़ी कर बर्थडे मनाने और आतिशबाजी करने वाले सातों युवक आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
घटना 16 फरवरी 2026 की रात करीब 10 से 11 बजे के बीच की है। सोनवाही स्थित आरव रेस्टोरेंट के सामने कुछ युवकों ने अपनी कारें सड़क पर खड़ी कर दीं और बीच मार्ग में केक काटते हुए आतिशबाजी शुरू कर दी। इससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामला सामने आते ही प्रशांत कुमार ठाकुर, डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर, ने इसे गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस कप्तान स्वयं पूरे मामले की मॉनिटरिंग करते रहे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। लगातार दबिश और तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस ने सातों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अम्बिकापुर और आसपास के क्षेत्र के निवासी हैं, जिनकी उम्र 23 से 39 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इनमें अमितेश गुप्ता उर्फ जानू (वार्ड क्रमांक 44, अम्बिकापुर), अंशुल अग्रवाल (अम्बिकापुर), प्रथम अग्रवाल (मणीपुर, अम्बिकापुर), शुभम अग्रवाल (कुंडला सिटी, अम्बिकापुर), महेश साहू (बिलासपुर चौक, अम्बिकापुर), निखिल रामा (जनपदपारा, अम्बिकापुर) और अरूण देवांगन (लटोरी) शामिल हैं।
चौकी लटोरी, थाना जयनगर में पहले ही अपराध क्रमांक 54/2026 के तहत धारा 285 एवं 126(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद सार्वजनिक स्थान पर खतरनाक तरीके से बाधा उत्पन्न करने और आतिशबाजी करने के आरोप में धारा 287, 288 बीएनएस तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 201 भी जोड़ी गई। घटना में प्रयुक्त दो चारपहिया वाहन जब्त किए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी लटोरी अरुण गुप्ता, प्रधान आरक्षक रामनिवास तिवारी, आरक्षक विकास मिश्रा, संतोष जायसवाल, सुनील एक्का, शोभनाथ कुशवाहा एवं साइबर सेल की टीम की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश दिया है कि सड़क किसी के निजी जश्न का स्थान नहीं है। उत्साह और जोश अपनी जगह है, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं। जो लोग खुशी के नाम पर नियमों को हल्के में लेते हैं, उनके लिए यह कार्रवाई एक सीधी सीख है कि नियम-कायदे का पालन करवाने के लिए पुलिस मुस्तैद बैठी है।





