Fertility Test-अनचाही मुश्किलों से बचने के लिए युवा कपल चुपचाप करा रहे हैं टेस्ट
एक रिपोर्ट में सामने आया कि बड़ी संख्या में दूल्हा और दुल्हन शादी से पहले डॉक्टरों के पास जाकर एक खास टेस्ट चुपचाप करा रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला और किस काम आता है ये टेस्ट?

Fertility Test/दिल्ली। आधुनिक दौर में शादी की परिभाषा और उससे जुड़ी प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। कुछ साल पहले तक जहां शादी से पहले लड़का-लड़की एक-दूसरे की पसंद, पारिवारिक पृष्ठभूमि और करियर पर लंबी बातचीत करते थे, वहीं अब आज के युवा कपल अपनी सेहत और भविष्य की फैमिली प्लानिंग को लेकर कहीं अधिक गंभीर नजर आ रहे हैं।
इसी का परिणाम है कि अब शादियों से पहले कुंडली मिलाने के बजाय ‘फर्टिलिटी टेस्ट’ कराने का नया चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई युवा जोड़े दूसरों से छिपकर और बेहद गोपनीयता के साथ यह टेस्ट करवा रहे हैं, ताकि वैवाहिक जीवन की शुरुआत में उन्हें किसी अनचाही शारीरिक या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे कपल्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है जो विवाह बंधन में बंधने से पहले प्रजनन क्षमता (Fertility) से जुड़ी जांच करवाना चाहते हैं।
Fertility Test/स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कोई डर या असुरक्षा की भावना नहीं है, बल्कि यह वास्तविकता को जानकर भविष्य के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने की एक व्यावहारिक सोच है। इस बदलाव की सबसे खास बात यह है कि अब केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी इन जांचों को लेकर काफी संजीदा हो गए हैं। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि नई पीढ़ी अब अपने पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य को लेकर पहले से कहीं अधिक जिम्मेदार और स्पष्टवादी हो गई है।
फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स इस बढ़ती जरूरत के पीछे गिरते स्वास्थ्य स्तर को एक बड़ी वजह मानते हैं। विभिन्न वैश्विक शोधों में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया है कि पिछले कुछ दशकों में पुरुषों की स्पर्म (Sperm) काउंट में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या केवल स्पर्म की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी गतिशीलता और बनावट में आ रही कमियां भी प्रजनन क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही हैं।
Fertility Test/डॉक्टरों के पास ऐसे कई मामले आ रहे हैं जिनमें महिला की रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य होती है, लेकिन पुरुष साथी में जन्मजात या जीवनशैली के कारणों से लो स्पर्म काउंट की समस्या पाई जाती है।
आज के समय में पुरुषों में बढ़ती इनफर्टिलिटी के पीछे सबसे बड़ी वजह गलत लाइफस्टाइल को माना जा रहा है। अत्यधिक तनाव, धूम्रपान, शराब का सेवन, जंक फूड और घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने जैसी आदतें स्पर्म क्वालिटी को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। इसके अलावा बढ़ता वायु प्रदूषण, रसायनों का बढ़ता उपयोग, प्लास्टिक का अत्यधिक इस्तेमाल और शरीर में हार्मोन बिगाड़ने वाले तत्वों की मौजूदगी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। डॉक्टरों का मानना है कि इन परिस्थितियों में शादी से पहले फर्टिलिटी टेस्ट कराना समझदारी की निशानी है।
समाज में आ रहे इस बदलाव का एक और रोचक पहलू यह है कि महिलाएं अब इस विषय पर खुलकर बात करने लगी हैं। पहले जहां इन मुद्दों पर चर्चा करना वर्जित माना जाता था, वहीं अब कई महिलाएं शादी से पहले अपने होने वाले जीवनसाथी के सामने फर्टिलिटी टेस्ट का प्रस्ताव रखने में संकोच नहीं कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सामाजिक सोच में एक सकारात्मक परिवर्तन है। शादी से पहले इस तरह की जांच से न केवल भविष्य की जटिलताओं से बचा जा सकता है, बल्कि यदि कोई समस्या सामने आती है, तो उसका समय रहते उपचार भी शुरू किया जा सकता है।





