LIVE UPDATE
Chhattisgarh

करोड़ों के मेंटेनेंस के बाद भी सरहद अंधेरे में, जिम्मेदार कौन?. कलेक्टर के आदेश कागज़ तक सीमित ?

कलेक्टर के आदेश बेअसर? करोड़ों के मेंटेनेंस के बाद भी अंधेरे में रामानुजगंज

रामानुजगंज…( पृथ्वीलाल केशरी) सरहदी इलाके में बिजली व्यवस्था फिर चरमरा गई। शाम चार बजे के बाद मौसम बदला, पांच बजकर पंद्रह मिनट पर तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। आधे घंटे में बारिश थम गई, लेकिन साढ़े पांच बजे बंद हुई बिजली रात नौ बजे के बाद लौटी। करीब साढ़े तीन घंटे तक पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। एक दिन पहले भी आपूर्ति बाधित रही थी।

यह समय बोर्ड परीक्षाओं का है। शासन का स्पष्ट निर्देश—परीक्षा अवधि में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। जमीनी स्थिति ने इन निर्देशों को ठेंगा दिखा दिया। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई, घरों में कामकाज ठप हुआ, पाइपलाइन जलापूर्ति बाधित रही।

मेंटेनेंस पर खर्च, नतीजा ढाक के तीन पात

पिछले महीनों में मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखी गई। दावा हुआ कि करोड़ों की लागत से व्यवस्था मजबूत हुई है। मगर आधे घंटे की बारिश में लाइन बैठ जाना इन दावों की पोल खोल देता है। जनता पूछ रही है—जब संसाधन और बजट खर्च हो रहे हैं, तो परिणाम क्यों नहीं दिखता?

आदेश और निर्देशों की अनदेखी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से बार-बार सख्त निर्देश दिए जाते हैं कि आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। इसके बावजूद अधिकारी अपनी कार्यशैली बदलते नजर नहीं आते। ऐसे में सवाल उठता है—क्या कलेक्टर के आदेश इतने हल्के हैं कि अधिकारी उन्हें गंभीरता से न लें? अगर निर्देशों का पालन नहीं होता तो जवाबदेही तय कौन करेगा?

बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा के निर्देश पर आयोजित विद्युत समाधान शिविर में कई आवेदन दिए गए, जिनका निराकरण आज तक लंबित है। आवेदक लगातार दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।

सरहद का इलाका, अंधेरे का दंश

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां पहले से हैं। लगातार बिजली संकट से यह भावना गहराने लगी है कि विकास के दावे कागजों तक सीमित हैं।

बिजली जैसी मूलभूत सुविधा में बार-बार विफलता केवल तकनीकी समस्या नहीं, प्रशासनिक इच्छाशक्ति की परीक्षा है। अब जरूरी है कि जिम्मेदारी तय हो, खर्च का हिसाब सार्वजनिक हो ।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
Back to top button
close