Employees DA Hike- होली से पहले केरल सरकार का बड़ा तोहफा: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 10% की भारी बढ़ोतरी
8वां वेतन आयोग लागू होने से पहले केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 10% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

Employees DA Hike/केरल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए इस बार की होली खुशियों की सौगात लेकर आई है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में 10% की बड़ी वृद्धि करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
सरकार के इस कदम से राज्य के लगभग 5 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनभोगी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस संबंध में 20 फरवरी 2026 को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिससे प्रदेश के सरकारी महकमों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
Employees DA Hike/राज्य सरकार द्वारा दी गई इस 10 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता 25% से बढ़कर कुल 35% हो जाएगा। बढ़ा हुआ यह लाभ मार्च 2026 के वेतन के साथ जुड़कर आएगा, जिसका नकद भुगतान अप्रैल की शुरुआत में किया जाएगा।
इसी तरह, पेंशनभोगियों को भी अप्रैल 2026 में मिलने वाली पेंशन के साथ बढ़ी हुई महंगाई राहत राशि प्राप्त होगी। हालांकि, 1 जनवरी 2024 से 28 फरवरी 2026 तक की बकाया राशि (एरियर) के भुगतान को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए एक अलग से विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। फिलहाल, चालू माह से नकद भुगतान की अनुमति दे दी गई है।
इस महत्वपूर्ण फैसले का लाभ केवल नियमित सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सहायता प्राप्त (Aided) स्कूलों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी मिलेगा।
Employees DA Hike/इसके अलावा, स्थानीय निकायों (LSGIs) के कर्मचारी, पूर्णकालिक आकस्मिक कर्मचारी, पेंशनभोगी, पारिवारिक पेंशनभोगी और अनुग्रह (Ex-gratia) लाभार्थी भी इस दायरे में शामिल किए गए हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), वैधानिक निगमों और स्वायत्त संस्थानों को भी यह बढ़ोतरी लागू करने की छूट दी गई है, बशर्ते वे अपने स्वयं के संसाधनों से इसका वित्तीय बोझ उठाने में सक्षम हों।
गौरतलब है कि महंगाई भत्ता (DA) केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अपने कर्मचारियों को बढ़ती मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण वित्तीय घटक है। यह वेतन का वह हिस्सा होता है जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर समय-समय पर संशोधित किया जाता है। आमतौर पर केंद्र सरकार साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) डीए में संशोधन करती है, जिसके बाद विभिन्न राज्य सरकारें अपने वित्तीय संसाधनों के आधार पर इसकी घोषणा करती हैं।





