बंद घर में जिंदा जला बुजुर्ग, डेढ़ घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड — सिस्टम की देरी ने ले ली जान
बंद घर में जिंदा जलते बुजुर्ग और देर से पहुंची फायर ब्रिगेड

रायपुर.. राजधानी रायपुर में एक बार फिर सिस्टम की सुस्ती एक बुजुर्ग की जान पर भारी पड़ गई। आमानाका थाना क्षेत्र के टाटीबंद इलाके में शनिवार सुबह घर में लगी आग की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत हो गई। सूचना मिलने के बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम करीब डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
घर में अकेले थे बुजुर्ग, बाहर से लगा ताला
जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त बुजुर्ग घर में अकेले थे। इसी दौरान घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वे बाहर निकल नहीं पाए। करीब 70 प्रतिशत तक झुलस चुके बुजुर्ग मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन बाहर से घर में ताला लगा होने के कारण कोई उन्हें बचा नहीं सका।
चीख-पुकार सुन दौड़े पड़ोसी, लेकिन बेबस
बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मदद की कोशिश की, लेकिन घर बंद होने के कारण वे अंदर प्रवेश नहीं कर सके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय बुजुर्ग का बेटा घर में ताला लगाकर बाहर गया हुआ था।
सूचना के बाद भी डेढ़ घंटे की देरी
स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन फायर ब्रिगेड की टीम करीब डेढ़ घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। इस देरी को लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण रूम हीटर में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फिर वही सवाल— जिम्मेदार कौन?
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर आपात सेवाओं की तत्परता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंद घर में जिंदा जलते बुजुर्ग और देर से पहुंची फायर ब्रिगेड की तस्वीरें सिस्टम की असंवेदनशीलता को उजागर कर रही हैं।





