स्कूलों के बाहर ‘नशे की दुकान’ बंद, सड़कों पर लापरवाही पर भी वार: प्रशासन का डबल एक्शन
100 मीटर दायरे में गुटखा-तंबाकू बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, त्वरित कार्रवाई के निर्देश

बिलासपुर… नशे और सड़क हादसों के खिलाफ प्रशासन ने अब सीधा और कड़ा रुख अपना लिया है। स्कूल-कॉलेजों के आसपास गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के साथ ही सड़कों पर लापरवाही के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ कर दिया है कि यह अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीन पर असर दिखेगा।
स्कूलों के आसपास नशे पर सीधा प्रहार
बैठक में तय हुआ कि किसी भी स्कूल या कॉलेज के 100 मीटर दायरे में गुटखा, पान और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ऐसे दुकानों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई होगी। स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने परिसर को नशामुक्त बनाए रखने के लिए निगरानी करें और प्रमाणित करें।
एसएसपी रजनेश सिंह ने संकेत दिया कि नशा कारोबारियों की गतिविधियां अक्सर शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सिमटती हैं, इसलिए इन इलाकों में पुलिस की निगरानी और तेज होगी। केवल जागरूकता नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई भी समानांतर चलेगी।
सड़क हादसों पर भी सख्त नजर
कोटा क्षेत्र में बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर कलेक्टर ने चिंता जताई और साफ कहा कि अव्यवस्थित स्पीड ब्रेकर भी हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। हर बड़ी दुर्घटना का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाने और नए ब्लैक स्पॉट बनने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
आंकड़े खुद स्थिति की गंभीरता बता रहे हैं। इस साल अब तक 71 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 33 थी। यानी खतरा दोगुना हो चुका है।
नशे में ड्राइविंग पर सख्ती की सीमा तय
प्रशासन ने संकेत दिया है कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर अब सिर्फ चालान नहीं, बल्कि लाइसेंस निलंबन और दोबारा गलती पर सीधे निरस्तीकरण तक की कार्रवाई होगी।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित, इलाज की भी व्यवस्था
जिले में 5 ब्लैक स्पॉट और 1 ग्रे स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए राहत भी सुनिश्चित की गई है—आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
नशा और लापरवाही, दोनों पर अब समझौता नहीं
प्रशासन का यह दोतरफा एक्शन साफ संकेत देता है कि स्कूलों के आसपास नशे का नेटवर्क और सड़कों पर लापरवाही, दोनों को अब सीधे निशाने पर लिया जाएगा।





