Chhattisgarh

दीदी के गोठ: आयुक्त (मनरेगा) तारण प्रकाश सिन्हा ने ग्राम पंचायत रुद्री में सुना, पंचायत दर्पण QR कोड का किया शुभारंभ

धमतरी/ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का आज ग्राम पंचायत रुद्री में आयोजन हुआ।

कार्यक्रम को आयुक्त महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (नरेगा) एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास तथा जिले के नोडल अधिकारी तारण प्रकाश सिन्हा ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाओं के साथ मिलकर सुना। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रोमा श्रीवास्तव मौजूद थी । 

यह कार्यक्रम आज दोपहर 12:15 बजे आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित हुआ तथा इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध रही।

आयुक्त श्री सिन्हा ने कहा कि “दीदी के गोठ” केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन परक सोच का प्रतिबिंब है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं की आवाज़ को समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष व उपलब्धियों को सामने लाना और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह दिखाना है।

पंचायत दर्पण QR कोड का शुभारंभ

इस अवसर पर श्री सिन्हा ने ग्राम पंचायत रुद्री के “पंचायत दर्पण” QR कोड का शुभारंभ भी किया। QR को स्कैन कर पंचायत में संचालित मनरेगा के पिछले तीन वर्षों के कार्यों की सूची मोबाइल स्क्रीन पर देखी जा सकती है। उन्होंने मौके पर QR कोड स्कैन कर कार्यों का अवलोकन भी किया।

महिलाओं से संवाद और प्रेरक कहानियाँ

आयुक्त श्री सिन्हा ने बिहान समूह की लखपति दीदियों से चर्चा की। श्रीमती बिमला साहू ने मशरूम उत्पादन से आय, वहीं श्रीमती भारती साहू व राजकुमारी सिन्हा ने सीएससी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इनकी प्रेरक कहानियों का प्रसारण आकाशवाणी के माध्यम से पूरे प्रदेश की महिलाओं तक किया गया, ताकि वे भी आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो सकें।

 उन्होंने कहा कि धमतरी जिला योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। राज्य एवं केंद्र शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाना ही सभी का लक्ष्य होना चाहिए।

मॉडल हाउस का निरीक्षणकार्यक्रम के उपरांत आयुक्त श्री सिन्हा ने गंगरेल पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत बने मॉडल हाउस का भी निरीक्षण किया।

 “दीदी के गोठ” ग्रामीण महिलाओं की सफलता की गाथा है, जो हर गाँव और हर घर तक पहुँचकर उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर प्रेरित करेगी।*

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