नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की माँग
केसी त्यागी का यह बयान उस समय आया है जब नीतीश कुमार ने बिहार की सक्रिय राजनीति से एक कदम पीछे हटते हुए संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा जाने का फैसला किया है। गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति में नीतीश कुमार ने राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।

दिल्ली। बिहार की राजनीति में आए ऐतिहासिक मोड़ और मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की मांग तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने नीतीश कुमार की जमकर सराहना करते हुए उन्हें ‘युग पुरुष’ करार दिया है। त्यागी ने कहा कि जिस तरह से नीतीश कुमार ने बिहार की सेवा की है और एक पिछड़े व ‘अंधेरे’ से भरे प्रदेश को विकास की मुख्यधारा में लाकर खड़ा किया है, उसे देखते हुए वह निश्चित रूप से ‘भारत रत्न’ के हकदार हैं।
केसी त्यागी का यह बयान उस समय आया है जब नीतीश कुमार ने बिहार की सक्रिय राजनीति से एक कदम पीछे हटते हुए संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा जाने का फैसला किया है। गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति में नीतीश कुमार ने राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।
इस मौके पर त्यागी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार राजनीति के उन गिने-चुने लोगों में से हैं जिन्होंने पिछले पांच दशकों से पूरी ईमानदारी और सज्जनता के साथ सार्वजनिक जीवन जिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यसभा में उनकी मौजूदगी से सदन की गरिमा और अधिक बढ़ेगी।
विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और बिहार की राजनीति में आए इस बड़े बदलाव पर हो रही टिप्पणियों पर केसी त्यागी ने कड़ा रुख अपनाया। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए त्यागी ने कहा कि वे ऐसी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार पिछले 21 सालों से भाजपा के सहयोग से सुशासन की सरकार चला रहे थे और उन्होंने बिहार की तस्वीर बदलने के लिए अथक प्रयास किए हैं।
नीतीश कुमार ने खुद भी सोशल मीडिया (X) के माध्यम से बिहार की जनता के नाम एक भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से जनता ने उन पर जो अटूट विश्वास और समर्थन बनाए रखा, उसी के दम पर वे बिहार की सेवा कर पाए।
नीतीश ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उनके संसदीय जीवन की यह एक बड़ी तमन्ना थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य बनें। इसी क्रम में उन्होंने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है।
नीतीश कुमार का यह कदम बिहार की भावी राजनीति के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। केसी त्यागी ने जोर देकर कहा कि बिहार को अराजकता के दौर से निकालकर सम्मान दिलाने वाले नीतीश कुमार का कद किसी ‘युग पुरुष’ से कम नहीं है।





