Dearness Allowance Dispute-डीए विवाद, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भाजपा ने बताया ममता सरकार के लिए बड़ा झटका, बंगाल में छिड़ी सियासी जंग
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी पोस्ट में मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार लगातार अपने कर्मचारियों के वैध अधिकारों का हनन कर रही थी, लेकिन अब अदालत ने साफ कर दिया है कि महंगाई भत्ता कोई खैरात नहीं बल्कि कर्मचारियों का कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है। मालवीय ने कहा कि यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के संघर्ष का सम्मान है जो वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे।

Dearness Allowance Dispute/दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) देने के उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्देश के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शीर्ष अदालत के इस फैसले का पुरजोर स्वागत किया है और इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए एक ‘बड़ा झटका’ करार दिया है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह आदेश राज्य सरकार की अपने ही कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीनता और उदासीनता को पूरी दुनिया के सामने उजागर करता है।
भाजपा के पश्चिम बंगाल मामलों के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्याय और जवाबदेही की एक बड़ी जीत बताया।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार लगातार अपने कर्मचारियों के वैध अधिकारों का हनन कर रही थी, लेकिन अब अदालत ने साफ कर दिया है कि महंगाई भत्ता कोई खैरात नहीं बल्कि कर्मचारियों का कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है। मालवीय ने कहा कि यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के संघर्ष का सम्मान है जो वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को वर्ष 2008 से 2019 तक का बकाया महंगाई भत्ता भुगतान करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने निर्देश दिया है कि राज्य सरकार 6 मार्च तक कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से प्रदान करे।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस फैसले को पार्टी की नैतिक जीत भी बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा बंगाल में हर कदम पर सरकारी कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी रही है और उनके सम्मान के लिए आवाज उठाती रही है।
भाजपा के अनुसार, ममता बनर्जी सरकार कोर्ट के पिछले निर्देशों के बावजूद भुगतान करने में लगातार टालमटोल कर रही थी, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष था। भाजपा नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी कि ‘डीए (Dearness Allowance Dispute) जीवन स्तर बनाए रखने का एक तरीका है’, राज्य सरकार के उन तर्कों पर करारा प्रहार है जिसमें वित्तीय बाधाओं का हवाला दिया जा रहा था। इस अदालती आदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल सरकार पर न केवल वित्तीय दबाव बढ़ गया है, बल्कि विपक्षी दल भाजपा ने इसे आगामी राजनीतिक विमर्श में एक बड़ा मुद्दा बनाने के संकेत भी दे दिए हैं।





