साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, 15 महिलाएं समेत 22 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने 19 लैपटॉप, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, 53 मोबाइल फोन और कई अहम दस्तावेज बरामद किए

पटना.. बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 15 महिलाओं सहित कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सगुना मोड़ और रूपसपुर इलाके में की गई, जहां अवैध कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे थे।
तीन ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी
साइबर पुलिस स्टेशन पटना की टीम ने लखन कुटीर, वेद नगर और सौभाग्य शर्मा पथ स्थित परिसरों में एक साथ छापेमारी की। पुलिस को यह इनपुट इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट से मिला था कि इन इलाकों में साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
कॉल सेंटर की आड़ में ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को वैध सेवा प्रदाता बताकर लोगों को कॉल करते थे। सर्विस देने और आधार सेंटर खोलने जैसे झूठे वादों के जरिए उन्हें ठगा जाता था। डेटा डाउनलोड कर चुनिंदा लोगों को टारगेट किया जाता था, जिसके लिए बाकायदा कॉलिंग टीम तैनात थी।
तकनीकी सामान और दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 19 लैपटॉप, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, 53 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड और कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामान से बड़े साइबर नेटवर्क की पुष्टि हुई है।
महिलाओं को कॉलिंग के लिए रखा गया
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार की गई महिलाओं को हर महीने 8 से 10 हजार रुपये दिए जाते थे। उनका काम संभावित “क्लाइंट” को फोन कर झांसे में लेना था। गिरोह पिछले 12 से 18 महीनों से सक्रिय था।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क इससे कहीं बड़ा है। फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।





