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Bilaspur

भाजपा के वरिष्ठ नेता व पार्षद बंधु मौर्य की हत्या की साजिश नाकाम: 25 लाख की सुपारी, अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब

करोड़ों की लूट के पीछे हत्या की साजिश का सनसनीखेज खुलासा: भाजपा नेता-पार्षद बंधु मौर्य को मारने की थी 25 लाख की सुपारी, अंतरराज्यीय गिरोह दबोचा

बिलासपुर… महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक पर प्राणघातक हमला कर करोड़ों के सोने-नकदी और कार लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह से पूछताछ में ऐसा खुलासा हुआ जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। यह गिरोह केवल लूट तक सीमित नहीं था। इसके निशाने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और नगर निगम पार्षद बंधु मौर्य थे। उनकी हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी, जिसमें 6 लाख रुपये अग्रिम दिए गए थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बिलासा गुड़ी में प्रेस वार्ता कर बताया कि गिरोह ने दिसंबर 2025 में बंधु मौर्य की हत्या और लूट की साजिश रची, रैकी की, हथियार जुटाए और वारदात का प्रयास भी किया, लेकिन योजना असफल रही। असफलता के बाद यही गिरोह आगे चलकर महालक्ष्मी ज्वेलर्स में बड़ी लूट को अंजाम देने में जुट गया।

18 दिसंबर की नाकाम कोशिश, बदला टारगेट

पुलिस के अनुसार 18 दिसंबर 2025 की सुबह आरोपियों ने चोरी की मोटरसाइकिल से बंधु मौर्य की गाड़ी रोकने की कोशिश की। पिस्तौल दिखाकर वारदात करने की योजना थी, लेकिन मौर्य तेजी से निकल गए और साजिश विफल हो गई।

पूछताछ में सामने आया कि हत्या के साथ नगदी लूटने की भी तैयारी थी। आरोपियों ने बंधु मौर्य की दिनचर्या, आवागमन, कारोबार और निवास की विस्तृत रैकी की थी।

योजना फेल होने के बाद गिरोह ने सदर बाजार क्षेत्र के एक ज्वेलर्स की दुकान में सेंधमारी और फिर एक अन्य कारोबारी को लूटने की योजना बनाई, लेकिन वह भी सफल नहीं हो सकी।

फरवरी में वारदात: महालक्ष्मी ज्वेलर्स पर हमला

फरवरी 2026 में गिरोह फिर सक्रिय हुआ। 17 फरवरी की रात महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी रोज की तरह दुकान बंद कर सोने के आभूषण और नकदी कार में रखकर घर जा रहे थे। अंधा मोड़ के पास एक कार ने टक्कर मारी।

जैसे ही वे बाहर निकले, आरोपियों ने पिस्तौल की बट और हथौड़ी से सिर व शरीर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल किया और कार में रखे लगभग दो किलो से अधिक सोना, कच्चा सोना, फाइन गोल्ड, साढ़े तीन लाख रुपये नकद सहित वाहन लूटकर फरार हो गए।

वारदात के बाद वाहन बदलते हुए गिरोह अंबिकापुर की ओर भागा और फिर उत्तर प्रदेश की दिशा में निकल गया।

24 घंटे में शिकंजा, मिर्जापुर से गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल सुरक्षित किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले, साइबर तकनीक का सहारा लिया और भागने के संभावित मार्ग चिन्हित किए। अलग-अलग टीमें गठित कर उत्तर प्रदेश रवाना की गईं।

मिर्जापुर जिले के अहरौरा क्षेत्र में घेराबंदी कर विजय लंबा, विनोद उर्फ बिंदु प्रजापति, करीम खान और मोनू उर्फ राहुल को दबोचा गया। बाद में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। कुल सात आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उसका नाम सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला संवेदनशील है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हथियार, कारतूस और 5 लाख 33 हजार रुपये

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, धारदार चाकू, मोबाइल फोन, मारुति ईको, रेनॉल्ट क्विड, महिंद्रा स्कॉर्पियो सहित कई वाहन जब्त किए।

साथ ही 5 लाख 33 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने लूट का शत-प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है।

रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि 6 लाख रुपये की अग्रिम राशि हत्या की साजिश के लिए दी गई थी। उसी रकम का बड़ा हिस्सा पुलिस ने जब्त किया।

संगठित षड्यंत्र की परतें

पूछताछ में सामने आया कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते स्थानीय स्तर पर संपर्क कर बाहरी शूटर बुलाए गए। होटल और फार्महाउस में बिना पहचान पत्र ठहराने की व्यवस्था की गई। हथियार जुटाए गए और कई बार बैठकें हुईं।

योजना के अनुसार पहले हत्या, फिर लूट की वारदात को अंजाम देना था। असफलता के बाद गिरोह ने शहर के अन्य व्यापारियों को निशाना बनाया।

पुलिस कप्तान ने कहा कि इस पूरे प्रकरण के तार बहुत दूर तक जुड़े हुए हैं और जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे संभव हैं।

सख्त चेतावनी: अपराधियों के लिए जगह नहीं

उप पुलिस महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने दो टूक कहा कि जिले में अपराध और अराजकता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। अपराधियों के लिए शहर और जिले में कोई स्थान नहीं है। बेहतर होगा कि वे या तो अपनी आपराधिक गतिविधियां छोड़ दें या जेल जाने के लिए तैयार रहें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष अभियान चलाकर न केवल इस गिरोह के शेष नेटवर्क को तोड़ा जाएगा, बल्कि पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे।

संभागीय पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और अप पुलिस महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने आरोपियों की धर पकड़ कार्रवाई में शामिल टीम और अधिकारियों की सराहना की। साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत करने का ऐलान किया है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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