बिलासपुर… कांग्रेस भवन में भाजपा महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के घुसकर प्रदर्शन करने की घटना पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने इसे राजनीतिक विरोध की मर्यादा के विपरीत बताते हुए कहा कि बिलासपुर में इस तरह की घटना गलत परंपरा की शुरुआत है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर दूसरे दल के कार्यालय में घुसना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, कांग्रेस भवन में हुई घटना ने राजनीतिक विरोध की सीमाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन महिला कार्यकर्ताओं को कांग्रेस भवन में प्रवेश करने से नहीं रोका गया।

पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस एक सौ साल से अधिक पुरानी पार्टी है और उसके कार्यालय में घुसकर प्रदर्शन करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से भी सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन विरोध का तरीका लोकतांत्रिक सीमाओं के भीतर होना चाहिए।

शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई नहीं करती है, तो कांग्रेस कार्यकर्ता भी बिना पूर्व सूचना भाजपा कार्यालय में प्रवेश करेंगे और वहां की नाम पट्टिका पर कालिख पोतेंगे। उन्होंने भाजपा के मंत्रियों और विधायकों के बंगलों के नाम पट्टों पर भी कालिख पोतने की बात कही।

कांग्रेस भवन की घटना के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत हैं। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों की अगली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।