बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच में जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने बिना बुनियादी सुविधाओं के बिलासपुर रेक पॉइंट गुड्स शेड को बंद कर उसलापुर शिफ्ट करने के निर्णय के खिलाफ रेलवे माल गोदाम मजदूर यूनियन और नया माल गोदाम ट्रक यूनियन द्वारा लगाई याचिकाओं की सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से उपस्थित केंद्र सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा से कड़े सवाल पूछे।

जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने पूछा कि क्या रेलवे मजदूर को इंसान नहीं समझती जो बिना किसी बुनियादी सुविधा के बिलासपुर गुड्स शेड रैक प्वाइंट को बंद कर पूरा काम उसलापुर गुडशेड में शिफ्ट कर रही है।

इस सवाल के जवाब में रेलवे की ओर से उपस्थित रमाकांत मिश्रा ने यह कहने का प्रयास किया कि सभी बुनियादी सुविधाएं है, परंतु इसी स्तर पर याचिका करता की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और मानस बाजपेई ने हाई कोर्ट को अवगत कराया कि उसलापुर गुड्स शेड के नाम पर वहां पर कोई भी सुविधा नहीं है।

इसके लिए याचिका में फोटोग्राफ भी लगाए गए हैं यही नहीं स्वयं रेलवे और यूनियन के लोगों की जो संयुक्त जांच रिपोर्ट है वह यह कहती है कि कोई भी बुनियादी सुविधा उसलापुर गुड्स शेड साइट पर नहीं है।

सनी के दौरान प्याज का कर्ताओं ने हाई कोर्ट को यह भी अवगत कराया की आगामी मानसून सीजन में फर्टिलाइजर के आवक और सप्लाई प्रभावित न हो इसके लिए स्वयं कलेक्टर बिलासपुर में रेलवे को पत्र लिखकर बिलासपुर रैक पॉइंट गुड्स शेड को सितंबर तक चालू रखने की मांग की है।

हाई कोर्ट के द्वारा कितने दिनों में सुविधा मुहैया कराई जा सकती है इस पर रेलवे के अधिवक्ता ने 15 दिन का समय मांगा जिस पर याचिका करता हूं की ओर से आपत्ति की गई और बताया गया के काम करने में काम से कम 3 महीने लगेंगे।

हाई कोर्ट ने कहा के अब इन कार्यों की प्रगति की हाईकोर्ट मॉनिटरिंग करेगा और अगर 15 दिन में काम करने की बात रेलवे के ओर से कहीं जा रही है तो प्रकरण की अगली सुनवाई 17 जून नियत कर दी गई है। इस दौरान सभी पक्षकारों रेलवे और जिला प्रशासन को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

याचिकाओं में बिलासपुर रेक पॉइंट को स्थाई रूप से बंद करने को भी रेलवे की नीति के खिलाफ बताया है और कहां है कि बिलासपुर और उसलापुर गुड़स शेड और दोनों रेक पॉइंट एक साथ चलाए जाने चाहिए। व्यापार विहार में उतारने वाला और आने वाला पूरा सामान अगर उसलापुर से लाया जाएगा।

तो शहर में गाड़ियों का परिवहन लंबी दूरी तक होगा और साथ ही साथ लंबे परिवहन के कारण लागत और महंगाई भी बढ़ेगी। याचिका में उसलापुर गुड्स शेड पर अवांछित और सामाजिक तत्वों के द्वारा दादागिरी करने और धमकी देने आदि की शिकायत पर पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई न करने की बात भी उठाई गई है और कहा गया है कि उसलापुर अच्छा स्टेट में यदि व्यापारी याचिका करता यूनियनों को कम देते हैं तो उन्हें पूरी सुरक्षा दिलाने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को सौंपी जाए।