कांग्रेस अध्यक्ष को पीसीसी चीफ समेत 5 लोगों के खिलाफ लिखा शिकायती पत्र लीक

चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद को लेकर ’लेटर बम’ फूट गया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के नंबर से पार्टी के ही एक सोशल मीडिया ग्रुप पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा गया यह पत्र लीक हो गया।
ग्रुप से जुड़े कुछ लोगों ने इस पत्र के स्क्रीन शॉट ले लिए और वीडियो भी तैयार कर ली। जिसमें चित्तौड़गढ़ के एक वरिष्ठ नेता के नंबर से यह पत्र डालना बताया जा रहा है। कांग्रेस के इस ग्रुप से जुड़े कुछ लोगों की ओर से वरिष्ठ नेता के नंबर से ग्रुप में पत्र आते ही स्क्रीन शॉट ले लिए गए। यह पत्र लीक होते ही जिले में गुटों में बंटी कांग्रेस में भूचाल आ गया है। हालाकि राजस्थान पत्रिका इस पत्र की पुष्टि नहीं करता।
पत्र में लिखा है कि अक्टूबर 2025 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान राज्य में पार्टी की वैचारिक मजबूती और संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संगठन सृजन अभियान शुरू किया। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न पर्यवेक्षक विभिन्न जिलों में भेजे गए। ताकि कार्यकर्ताओं व नेताओं का मनोभाव जाना जा सके और जिला अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त उमीदवारों का चयन किया जा सके। यह वाकई एक क्रांतिकारी कदम है।
चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष पद के लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षक सुभाषिनी यादव तथा प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों ने सभी ब्लॉकों का दौरा किया, कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श किया तथा इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन मांगे।
वर्तमान में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक सदस्य ने भी इस पद के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया। जैसे ही यह जानकारी पार्टी कार्यकर्ताओं तक पहुंची, चारों तरफ भारी रोष और असंतोष व्याप्त हो गया। पार्टी का एक निष्ठावान एवं जिमेदार सिपाही होने के नाते मैं इसे अपना नैतिक दायित्व समझता हूं कि इस विषय को आपके संज्ञान में लाऊं।
पत्र में आवेदनकर्ता पीसीसी सदस्य पर कई आपराधिक मुकदमें दर्ज होने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में लिखा है कि इन बातों की सत्यता प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों के समक्ष ब्लॉक, मंडल एवं ग्राम पंचायत स्तर पर हुई बैठकों में साधारण कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने खुलकर व्यक्त की।
पत्र में लिखा है कि गोविंद सिंह डोटासरा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद इस पीसीसी सदस्य ने ललित बोरीवाल के साथ मिलकर अपने व्यापारिक संबंधों व धन-बल का उपयोग करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों एवं डोटासरा के निकटवर्ती लोगों को प्रभावित करने का प्रयास किया। इन्होंने अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए आर्थिक प्रलोभन, चार पहिया वाहन एवं अन्य सुविधाएं ऑफर की, जो पूरी तरह अनैतिक था।










