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CG School- महंगी किताबें व मनमानी फीस पर दो निजी स्कूलों को नोटिस…लाखों के जुर्माने की तलवार लटकी

इन स्कूलों पर फीस में बेतहाशा वृद्धि करने और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के 'बंडल' को विशेष दुकानों से ही खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करने का गंभीर आरोप है। डीईओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन स्कूलों पर वसूले गए कुल शुल्क का 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा, जो लाखों-करोड़ों में हो सकता है।

CG School-अंबिकापुर। सरगुजा जिले में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों की जेब पर डाका डालने और नियमों को ताक पर रखकर मनमानी करने के मामले में शिक्षा विभाग ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने शहर के दो प्रतिष्ठित निजी स्कूलों— मोंट फोर्ट स्कूल और बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल को कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

CG School-इन स्कूलों पर फीस में बेतहाशा वृद्धि करने और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के ‘बंडल’ को विशेष दुकानों से ही खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करने का गंभीर आरोप है। डीईओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन स्कूलों पर वसूले गए कुल शुल्क का 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा, जो लाखों-करोड़ों में हो सकता है।

जिला शिक्षा अधिकारी को लंबे समय से अभिभावकों की शिकायतें मिल रही थीं कि स्कूल प्रबंधन द्वारा सीबीएसई (CBSE) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए विभाग ने दो दिन पहले स्कूलों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं।

CG School-जांच में पाया गया कि मोंट फोर्ट स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य कर दी गई थीं। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि अभिभावकों को पूरी किट या बंडल खरीदने के लिए बाध्य किया गया और यदि कोई केवल आवश्यक किताबें लेना चाहता था, तो उसे स्वीकार नहीं किया गया। इसके अलावा, सत्र 2026-27 के लिए फीस में 5 से 14 प्रतिशत तक की मनमानी वृद्धि पाई गई, जिसकी कोई पूर्व सूचना बोर्ड पर भी प्रदर्शित नहीं थी।

इसी तरह की गड़बड़ियां बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल में भी पाई गईं। 10 अप्रैल को स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में इस बात की पुष्टि हुई कि स्कूल प्रबंधन द्वारा पहली से आठवीं तक के छात्रों के लिए एक निश्चित दुकान से ही किताबों का बंडल खरीदने का दबाव बनाया जा रहा था।

CG School- साथ ही, स्कूल द्वारा कई ऐसे ‘हिडन’ शुल्क भी वसूले जा रहे थे, जिन्हें नियमानुसार प्रतिबंधित किया गया है। विभाग ने इसे सीधे तौर पर अभिभावकों का शोषण और नियमों की अवहेलना माना है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने शहर के अन्य निजी स्कूल संचालकों के बीच भी हड़कंप मचा दिया है।

कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मोंट फोर्ट स्कूल के 2070 छात्रों और बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल के 864 छात्रों से प्राप्त कुल फीस की आधी राशि बतौर जुर्माना वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि स्कूल परिसर या सूचना पटल पर ड्रेस और किताबों की सूची प्रदर्शित न करना और कमीशनखोरी के चक्कर में अभिभावकों को चुनिंदा दुकानों तक भेजना दंडनीय अपराध है।

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