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CG NEWS;सैनिक स्कूल बिलासपुर : काउंसलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र

CG NEWS:बिलासपुर । भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने देशभर में गुणवत्तापूर्ण और अनुशासित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य न केवल छात्रों को बेहतर शिक्षा देना है, बल्कि उनमें राष्ट्रप्रेम, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित करना है। इस दिशा में अभी तक पूरे देश में 33 पारंपरिक सैनिक स्कूलों के अलावा 41 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ राज्य इस पहल में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जहाँ कुल 5 सैनिक स्कूल संचालित हो रहे हैं , जिनमें से 1 पारंपरिक और 4 नए सैनिक स्कूल हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख संस्थान है “आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल”, जो अपनी विशेष शिक्षण शैली, अनुशासनात्मक वातावरण और लक्ष्य आधारित शिक्षण प्रणाली के लिए जाना जाता है।

इस संस्थान की ओर से ज़ारी की गई विज्ञप्ति के मुताब़िक   आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल न केवल छात्रों को अकादमिक रूप से सशक्त बनाता है, बल्कि उनके भीतर नेतृत्व, नैतिकता और सेवा की भावना का भी विकास करता है। यह विद्यालय 11 एकड़ में फैले एक समृद्ध और सुव्यवस्थित परिसर में स्थित है, जहाँ छात्रों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाती है। विद्यालय में छात्रों के लिए एक विशेष फील्ड क्राफ्ट एरिया निर्मित किया गया है, जहाँ उन्हें सैनिक प्रशिक्षण के मूल तत्वों से परिचित कराया जाता है। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए बास्केटबॉल, हैंडबॉल, क्रिकेट अकादमी, टेनिस और कराटे जैसे खेल उपलब्ध हैं।

रचनात्मकता और सांस्कृतिक विकास के लिए विद्यालय में नृत्य, संगीत, माड्यूल कक्षाएँ तथा ATL (अटल टिंकरिंग लैब) जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिससे छात्र वैज्ञानिक सोच और नवाचार की दिशा में भी कदम बढ़ा सकें। विद्यालय का यह समग्र दृष्टिकोण ही इसे एक विशिष्ट पहचान देता है, और यह प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ सैनिक स्कूलों में स्थान प्राप्त कर चुका है।

प्रवेश प्रक्रिया की दृष्टि से, सैनिक स्कूलों के लिए छात्रों को AISSEE (All India Sainik School Entrance Examination) में सम्मिलित होना होता है। आधारशिला विद्या मंदिर अपने कक्षा 5 के सभी विद्यार्थियों को इस परीक्षा की तैयारी विद्यालय स्तर पर ही कराता है, जिसमें नियमित कक्षाएँ, मॉक टेस्ट, रणनीतियाँ और गाइडेड अभ्यास शामिल होते हैं। इससे छात्रों को सही दिशा और आत्मविश्वास मिलता है।

जानकारी दी गई है कि प्रवेश प्रक्रिया में 60% सीटें आधारशिला विद्या मंदिर के छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं, और 40% सीटें अन्य इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए खुली होती हैं। यह प्रणाली पारदर्शी और योग्यता आधारित है, जिससे अधिकाधिक छात्रों को अवसर मिल सके।

आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल एक ऐसा संस्थान है जो न केवल शिक्षा देता है, बल्कि चरित्र गढ़ता है, अनुशासन सिखाता है और देश के भावी रक्षकों को आकार देता है। यह विद्यालय छात्रों को न केवल प्रतिस्पर्धी बना रहा है, बल्कि उन्हें समाज और देश के लिए एक उत्तरदायी नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है। विद्यालय की ओर से AISSEE परीक्षा में भाग ले रहे सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दी जाती हैं। हमें गर्व है कि हम देश के भविष्य निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

काउंसलिंग प्रक्रिया
AISSEE परीक्षा का परिणाम जल्द ही घोषित होने वाला है, जिसके तत्पश्चात एक सप्ताह तक छात्रों को चॉइस फिलिंग (Choice Filling) का अवसर मिलेगा। इस प्रक्रिया में छात्रों को अपने पसंदीदा सैनिक स्कूल या न्यू सैनिक स्कूल को चयनित करना होगा। यह ध्यान देने योग्य है कि ऑनलाइन काऊसलिंग में चॉइस फिलिंग केवल एक बार ही की जा सकती है, और उसके बाद प्राथमिकता में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। छात्र 33 सैनिक स्कूल और 41 न्यू सैनिक स्कूलमें सेअपना विकल्प चुन सकते हैं ।अतः यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि छात्र और अभिभावक सोच-समझकर विकल्प का चयन करें।

विद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यदि आप सैनिक स्कूल में प्रवेश, परीक्षा तैयारी , करियर मार्गदर्शन या सैनिक स्कूल काउंसलिंग से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमसे निम्न नंबर पर संपर्क कर सकते है ।

9329149647, 9329149648, 9329149649
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Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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