CG News-RBI और वित्त मंत्रालय का अधिकारी बनकर बिछाया जाल, रायपुर के कारोबारी से 9.60 लाख की ठगे
आरोपियों ने मैच्योरिटी राशि जारी करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस कागजी कार्यवाही, एनओसी और टैक्स का हवाला देकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने को कहा। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने फर्जी आरबीआई मिनिस्ट्री फाइनेंस के नाम से पत्र आईडी कार्ड और जाली डीडी और बैंक डिटेल व्हाट्सएप पर भेजे गए। इस पर भरोसा कर वह उसके झांसे में आ गया

CG News/रायपुर /राजधानी रायपुर के मुजगहन इलाके से साइबर ठगी की एक बेहद शातिर वारदात सामने आई है, जहां जालसाजों ने एक व्यक्ति को करोड़पति बनाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने इस पूरी वारदात को इतना प्रोफेशनल रूप दिया कि पीड़ित उनकी बातों में आसानी से आ गया।
अज्ञात कॉलर्स ने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), वित्त मंत्रालय और डीबीटी बैंक का बड़ा अधिकारी बताकर कांदुल निवासी परमजीत सिंह चड्डा से करीब 9 लाख 60 हजार रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने अब इस मामले में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ठगी का यह खेल करीब छह महीने पहले शुरू हुआ था, जब परमजीत के मोबाइल पर कुछ अज्ञात नंबरों से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आने लगे।
जालसाजों ने उन्हें झांसा दिया कि उनके नाम पर 98 लाख 64 हजार रुपये की एक भारी-भरकम बीमा या एफडी मैच्योरिटी के लिए तैयार है।
पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए ठगों ने व्हाट्सएप पर फर्जी आईडी कार्ड, वित्त मंत्रालय के जाली पत्र और फर्जी डिमांड ड्राफ्ट (DD) भेजे। इन दस्तावेजों को देखकर कोई भी धोखा खा सकता था क्योंकि इन पर सरकारी महकमों के लोगो और मुहरों का इस्तेमाल किया गया था।
एक बार जब पीड़ित ने उन पर भरोसा कर लिया, तो ठगों ने ‘प्रोसेसिंग फीस’, ‘एनओसी’ और ‘सरकारी टैक्स’ के नाम पर पैसे मांगना शुरू कर दिया। मैच्योरिटी की मोटी रकम पाने की चाहत में परमजीत ने अलग-अलग किश्तों में कुल 9,60,000 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उनके खाते में 98 लाख रुपये जमा नहीं हुए, तब उन्हें अनहोनी की आशंका हुई।
जब उन्होंने स्वयं बैंकों में जाकर दस्तावेजों की सत्यता जांची, तो उनके होश उड़ गए। बैंक अधिकारियों ने बताया कि वे सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे और ऐसी कोई राशि बैंक द्वारा जारी नहीं की गई थी।
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पीड़ित परमजीत ने अपनी पूर्व पत्नी और उनके कुछ करीबियों पर इस साजिश में शामिल होने का शक जताया। मुजगहन थाना पुलिस ने परमजीत की शिकायत पर धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों की लोकेशन और बैंक खातों के ट्रांजेक्शन डिटेल्स खंगाल रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।





