CG News: गांजा तस्करी का हाई-टेक पैंतरा फेल: यहां छिपाया था 75 लाख का माल, 3 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

CG News: महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और बसना पुलिस की संयुक्त टीम ने गांजे की तस्करी कर रहे तीन अंतरराज्यीय तस्करों को धर दबोचा।
आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कारों में गुप्त चैंबर बनवा रखे थे, लेकिन उनकी घबराहट ने पुलिस को तलाशी के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने मौके से 150 किलो से अधिक गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 75 लाख रुपये बताई जा रही है।
नेशनल हाईवे 53 पर स्थित पलसापाली बैरियर पर जब पुलिस की टीम रूटीन चेकिंग कर रही थी, तभी ओडिशा की ओर से दो कारें आती दिखाई दीं।
कार सवार तीनों युवक शुरुआत में काफी आत्मविश्वास में नजर आ रहे थे और पुलिस को ‘ट्रिप से लौटने’ की कहानी सुना रहे थे। हालांकि, जैसे ही पुलिस ने बारीकी से पूछताछ शुरू की, तस्करों की घबराहट चेहरे पर साफ झलकने लगी। शक होने पर जब पुलिस ने कारों की सघन तलाशी ली, तो गाड़ी के अंदर से आने वाली गांजे की तीखी गंध ने सारा राज खोल दिया।
कार की सीटों और डिक्की में बने थे गुप्त चैंबर
गांजा तस्करों ने नशे की खेप छिपाने के लिए कारों को खास तरीके से मॉडिफाई किया था। पुलिस ने जब डिक्की के फर्श और स्पेयर व्हील एरिया की जांच की, तो वहां लोहे के बॉक्स और गुप्त चैंबर मिले।
इतना ही नहीं, सीटों के कुशन के नीचे भी विशेष जगह बनाई गई थी, जहां खाकी रंग के टेप से लिपटे गांजे के पैकेट ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे।
पुलिस ने इन गुप्त स्थानों से कुल 8 बोरियों में भरा 150.75 किलो गांजा निकाला। तस्करों ने टेपिंग का इस्तेमाल इसलिए किया था ताकि खुशबू बाहर न आए और चेकिंग के दौरान किसी को शक न हो।
ओडिशा से रायपुर खपाने की थी तैयारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तन्मय मिश्रा, प्रमोद कल्ता उर्फ सिकन और दीनबंधु मिश्रा के रूप में हुई है, जो ओडिशा के रहने वाले हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे इस खेप को ओडिशा से लाकर रायपुर के बाजारों में खपाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने गांजे के साथ ही तस्करी में प्रयुक्त दो वाहन (कीमत 20 लाख रुपये) और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। कुल जब्ती की कीमत लगभग 95.15 लाख रुपये आंकी गई है।
महासमुंद पुलिस ने बताया कि बीते एक महीने में जिले में कुल 860 किलो गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी कुल कीमत 4.30 करोड़ रुपये है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।





