Cg news।रायपुर। डीएमएफ फंड के तहत काम दिलाने के एवज में कमीशनखोरी करने और कमीशन की एक बड़ी राशि प्रभावशाली लोगों के तक पहुंचाने, सरकारी खजाने को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में ईडी ने सतपाल सिंह छाबड़ा को रिमांड पर लिया है। स्पेशल कोर्ट में पेश करने के बाद कोर्ट ने ईडी को पांच दिन का रिमांड दिया है।

प्रवर्तन निदेशालय ED, रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने धर्मपाल सिंह छाबड़ा के पुत्र सतपाल सिंह छाबड़ा को छत्तीसगढ़ राज्य में जिला खनिज फाउंडेशन DMF निधि के दुरुपयोग से संबंधित मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत 01 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। उन्हें 01 सितंबर 2026 को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर के समक्ष पेश किया गया और न्यायालय ने उन्हें 5 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।

ये खबर भी पढ़ें…
कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर बतौली की छात्राओं की पैदल मार्च की घटित घटना के जांच के लिए समिति गठित
कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर बतौली की छात्राओं की पैदल मार्च की घटित घटना के जांच के लिए समिति गठित
अम्बिकापुर/ कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर, विकासखण्ड बतौली की छात्राओं द्वारा 07 सितम्बर 2026 को आयोजित पैदल मार्च की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

छत्तीसगढ़ में जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि के दुरुपयोग से संबंधित जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) घोटाले के मामले में एसीबी, ईओडब्ल्यू, रायपुर और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई विभिन्न एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है।

जांच से पता चला कि खनन कार्यों से प्रभावित व्यक्तियों और क्षेत्रों के लाभ के लिए प्रत्येक राजस्व जिले में गठित डीएमएफ ट्रस्टों का दुरुपयोग लोक सेवकों, मध्यस्थों और विक्रेताओं के एक सुसंगठित गिरोह द्वारा किया गया। वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के दौरान विभिन्न जिलों को DMF के तहत प्राप्त लगभग 9,188.20 करोड़ रुपये में से एक हिस्सा आपूर्ति-उन्मुख कार्यों को प्राथमिकता देकर अपने निर्धारित उद्देश्य से हटा दिया गया, जिससे कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी और कमीशन कमाने की अधिक गुंजाइश बनी रही।

ये खबर भी पढ़ें…
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें
रायपुर/ शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इन निधियों का एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम (बीज निगम) के माध्यम से भेजा गया, जहां एजेंट/मध्यस्थ दर अनुबंध धारक संस्थाओं के पक्ष में जारी किए गए खरीद आदेशों के आधार मूल्य का 25% से 50% तक कमीशन वसूलते थे, जिसका एक बड़ा हिस्सा लोक सेवकों और प्रभावशाली व्यक्तियों को कार्य आदेश जारी करने और भुगतान प्राप्त करने के लिए दिया जाता था।

 

ये खबर भी पढ़ें…
शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल,कई जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना, देखिए पूरी लिस्ट 
शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल,कई जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना, देखिए पूरी लिस्ट 
रायपुर ।स्कूल शिक्षा विभाग में  ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों सहित कई प्राचार्यों और शिक्षा विभाग...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सतपाल सिंह ने निभाई सिंडिकेट के प्रमुख संपर्ककर्ता की भूमिका

सतपाल सिंह छाबड़ा इस सिंडिकेट के प्रमुख संपर्ककर्ताओं और वित्तीय समन्वयकों में से एक थे। उन्होंने आपूर्ति-आधारित डीएमएफटी कार्यों की पहचान की, जिनसे पर्याप्त कमीशन प्राप्त हो सकता था।

उन्होंने चयनित विक्रेताओं के बीच प्रतिशत के आधार पर ऐसे कार्यों का आवंटन किया, कार्य आदेश जारी करने और भुगतान जारी करने में सहायता की, विक्रेताओं से कमीशन एकत्र किया और सिंडिकेट के सदस्यों के बीच इसके वितरण में भाग लिया। ईडी ने इससे पहले पीएमएलए, 2002 की धारा 17(1) के तहत 03.09.2025 से इस मामले में तलाशी अभियान चलाया था, जिसके परिणामस्वरूप कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे।

2002 के पीएमएलए की धारा 17 और 50 के तहत दर्ज बैंकिंग लेनदेन और विवरणों के विश्लेषण से पता चला कि उसने लगभग 31 करोड़ रुपये का अवैध कमीशन प्राप्त किया, जो अपराध की आय का हिस्सा है। यह राशि आरोपी, उसके परिवार के सदस्यों और उसके नियंत्रण वाली संस्थाओं के खातों में प्राप्त हुई थी। सतपाल सिंह छाबड़ा को 01 सितंबर.2026 को पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।