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Chhattisgarh

बीमा की रकम के लिए कारोबारी ने रची 14 लाख की फर्जी लूट की साजिश, सीसीटीवी ने खोली पोल तो पहुंचा जेल

तकनीकी साक्ष्यों में कहीं भी उन तीन अज्ञात हमलावरों या लूट जैसी किसी संदिग्ध गतिविधि का नामोनिशान नहीं मिला, जिसका जिक्र नितेश ने अपनी शिकायत में किया था। बयानों में बार-बार विरोधाभास और सीसीटीवी फुटेज से मेल न खाने पर पुलिस का शक नितेश पर गहरा गया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने यह पूरी साजिश खुद ही रची थी।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस को गुमराह कर बीमा और मुआवजे की मोटी रकम हड़पने की कोशिश करने वाले एक शातिर शख्स को कुम्हारी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

आरोपी ने खुद को बड़ी लूट का शिकार बताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जांच के दौरान पुलिस की सतर्कता और सीसीटीवी फुटेज ने उसकी झूठी कहानी की कलई खोल दी। पुलिस ने आरोपी के पास से वह ज्वेलरी भी बरामद कर ली है, जिसे उसने लूटा हुआ बताया था। फिलहाल, आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पूरी घटना 5 फरवरी की है, जब नितेश देवांगन नामक व्यक्ति ने कुम्हारी थाने पहुंचकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि जब वह ज्वेलरी खरीदकर अपने घर लौट रहा था, तभी कुगदा रोड स्थित सार्थक होम के पास तीन अज्ञात हमलावरों ने उसे घेर लिया।

नितेश का दावा था कि आरोपियों ने धारदार हथियार दिखाकर उससे सोने के आभूषण और लगभग 14 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी लूट ली है। राजधानी के करीब हुई इतनी बड़ी लूट की सूचना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने जब घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो कहानी में झोल नजर आने लगा।

तकनीकी साक्ष्यों में कहीं भी उन तीन अज्ञात हमलावरों या लूट जैसी किसी संदिग्ध गतिविधि का नामोनिशान नहीं मिला, जिसका जिक्र नितेश ने अपनी शिकायत में किया था। बयानों में बार-बार विरोधाभास और सीसीटीवी फुटेज से मेल न खाने पर पुलिस का शक नितेश पर गहरा गया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने यह पूरी साजिश खुद ही रची थी।

पूछताछ में आरोपी नितेश ने खुलासा किया कि वह व्यापार में लगातार हो रहे घाटे से परेशान था और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। आर्थिक तंगी से उबरने के लिए उसने सोचा कि अगर वह लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराता है, तो उसे बीमा कंपनी से क्लेम मिल जाएगा और मुआवजा राशि से उसकी समस्या हल हो जाएगी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 30 ग्राम सोने की वह ज्वेलरी भी जब्त कर ली है जिसे उसने ‘लूटा’ हुआ बताया था। पुलिस को गुमराह करने और भ्रामक जानकारी देने के अपराध में नितेश के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई की गई है।

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