Budget 2026- 1 अप्रैल से लागू होंगे नए Income Tax Act, आईटीआर फाइलिंग की बढ़ाई गई डेडलाइन
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। इससे लाखों वेतनभोगी और छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि फॉर्म को सरल बनाने के साथ-साथ टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को भी डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली किया गया है

Budget 2026,Income Tax Act/दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि नए इनकम टैक्स एक्ट(Income Tax Act) 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और आयकर से जुड़े नियमों को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई स्कीम का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे टैक्स अनुपालन आसान होगा।
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। इससे लाखों वेतनभोगी और छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि फॉर्म को सरल बनाने के साथ-साथ टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को भी डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली किया गया है।Income Tax Act
Budget 2026,Income Tax Act/वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि सरकार ने 2021-22 में किया गया वादा पूरा कर लिया है। बजट अनुमान के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2026-27 में यह घटकर 4.3 प्रतिशत होने की उम्मीद है। सरकार का फोकस वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने पर है।
As an additional measure for reducing litigation, I propose to allow taxpayers to update their returns even after reassessment proceedings have been initiated.
– FM Smt. @nsitharaman#ViksitBharatBudget pic.twitter.com/pPowpDQvlF
— BJP (@BJP4India) February 1, 2026
बजट में राज्यों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपए की ग्रांट दी जाएगी। वित्त वर्ष 2027 के लिए डेट-टू-जीडीपी रेश्यो 55.6 प्रतिशत, जबकि नेट बॉरोइंग 11.7 लाख करोड़ रुपए तय किया गया है।
Budget 2026,Income Tax Act/बजट 2026 में सरकार ने टीसीएस दरों में बड़ी राहत दी है। उदारीकृत प्रेषण योजना यानी लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाला टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो शिक्षा या मेडिकल कारणों से विदेश पैसा भेजते हैं।
टैक्स नियमों में भ्रम दूर करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति को ठेकेदारों को किए गए भुगतानों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसके तहत अब इन सेवाओं पर केवल 1 प्रतिशत या 2 प्रतिशत टीडीएस लगेगा, जिससे कारोबारियों और श्रमिकों दोनों को सहूलियत मिलेगी।




