सीमावर्ती वन की चुनौती पर मंथन:संरक्षण के लिए बनी साझा रणनीति…अवैध गतिविधियों पर लगाम की तैयारी
वन संरक्षण के लिए अंतरराज्यीय समन्वय पर चर्चा

बलरामपुर (पृथ्वी लाल केशरी)…वनमण्डल कार्यालय बलरामपुर में वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी की अध्यक्षता में अंर्त्तरवनमण्डलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अंर्त्तराज्यीय समन्वय के माध्यम से वन संरक्षण एवं संवर्धन को सशक्त बनाना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ रही अवैध वन्यजीव गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की रणनीति तैयार करना रहा।
सीमावर्ती इलाकों की चुनौतियों पर चर्चा
बैठक में मानव-वन्यजीव द्वंद, अवैध वनोपज परिवहन, अवैध वन्यप्राणी शिकार तथा हाथियों के बढ़ते विचरण से ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही क्षति और मानव-हाथी संघर्ष के दुष्परिणामों पर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि सीमावर्ती वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियां और तस्करी की घटनाएं राज्यीय सीमाओं को पार कर जटिल रूप ले रही हैं, जिससे इनके समाधान के लिए साझा प्रयास अनिवार्य हो गए हैं।
साझा रणनीति और सूचना तंत्र पर सहमति
अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर संयुक्त गश्त, सूचना आदान-प्रदान की मजबूत व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वित कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद
बैठक में उप निदेशक, पलामू टाइगर प्रोजेक्ट उत्तरी प्रमण्डल मेदनीनगर झारखण्ड प्रजेश कांत जेना, आरएफओ अजय कुमार टोप्पो, फील्ड बायोलॉजिस्ट तापस कर्मकार, जीआईएस एक्सपर्ट मनीष कुमार बक्शी, आईबीओ श्रवण कुमार गुप्ता, आईबीओ रजनीश कुमार सिंह, एसबीओ सत्यनारायण उरांव, डिजिटल मैनेजर अमन कुमार, ग्रासलैंड एक्सपर्ट अभय कुमार, वेटनरी सर्जन डॉ. सुनील कुमार, एसबीओ देवपाल भगत, उप वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह, आरएफओ निखिल सक्सेना सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





