किसान चौपाल से भाजपा का सीधा वार: 125 दिन रोजगार, 7 दिन में भुगतान… “कांग्रेस को काम नहीं, राम से दिक्कत”
किसान चौपाल: काम से नहीं, राम के नाम से विरोध” — धीरेन्द्र दुबे

बिलासपुर.. भाजपा किसान मोर्चा ने ग्राम पंचायत मानिकपुर और सीलपहरी में मजदूर-किसान चौपाल लगाकर सीधे संवाद किया। जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों और किसानों को ‘वी बी जी राम जी’ योजना के प्रावधानों और बदलावों की जानकारी दी गई, साथ ही कांग्रेस के विरोध को भ्रामक बताते हुए जवाबी तर्क रखे गए।
100 से 125 दिन, भुगतान 15 से 7 दिन
प्रदेश महामंत्री राकेश तिवारी ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिन काम मिलता था, अब 125 दिन का प्रावधान होगा। पहले 15 दिन में भुगतान की व्यवस्था थी, अब 7 दिन में अनिवार्य भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासकीय मद 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। अधिनियम उल्लंघन पर पहले 1 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया है।
कांग्रेस को राम के नाम से विरोध
धीरेन्द्र दुबे ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का विरोध काम से नहीं, राम के नाम से है। राम सेतु और राम मंदिर से लेकर राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया। उनका दावा रहा कि पूर्व में योजना का नाम बदला गया और मजदूरों का हक मारकर इसे भ्रष्टाचार का जरिया बनाया गया। अब संशोधनों के जरिए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ गांव विकास को केंद्र में रखा गया है, जहां ग्राम पंचायतें खुद विकास का मानक तय करेंगी।
सामग्री मद में हिस्सेदारी बदली
प्रदेश प्रवक्ता बी. पी. सिंह ने कहा कि सामग्री मद में पहले राज्य की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी, अब 60-40 का प्रावधान लागू किया गया है। उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए 90-10 का प्रावधान रखा गया है ताकि विकास की गति तेज हो। विकसित ग्राम पंचायत प्लान के कार्यों को विकसित भारत नेशनल रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेक में एकीकृत करने की बात भी रखी गई।
बड़ी मौजूदगी, सीधा संवाद
कार्यक्रम में मंडल महामंत्री जितेन्द्र राय, पार्षद लक्ष्मी यादव, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष-महामंत्री, दोनों ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच, वरिष्ठ कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान-मजदूर शामिल हुए। चौपाल में सवाल-जवाब के जरिए योजनाओं के प्रावधानों पर चर्चा हुई और लाभार्थियों को प्रक्रियात्मक जानकारी दी गई।





