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Bilaspur

निवेश की रफ्तार से बदलेगा बिलासपुर: 50 करोड़ का दांव, 12 नए उद्योगों से रोजगार की नई लाइन

इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए बाधाएं हटाने पर फोकस, सिरगिट्टी में सुविधाएं सुधारने के निर्देश

बिलासपुर…आमतौर पर फाइलों में दबे रहने वाले निवेश के आंकड़े इस बार जमीन पर असर दिखाते नजर आ रहे हैं। जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में साफ हुआ कि बिलासपुर में उद्योगों की रफ्तार बढ़ रही है—सिर्फ इस साल 12 नए उद्योग खड़े हुए, 50 करोड़ 80 लाख रुपये का निवेश आया और 237 लोगों को सीधे रोजगार मिला।

निवेश का सीधा मतलब—रोजगार की नई लाइन

बैठक में सामने आए आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि जिले की आर्थिक हलचल का संकेत हैं। छोटे से लेकर मध्यम स्तर तक के उद्योगों ने अलग-अलग सेक्टर में काम शुरू किया है—सोलर एनर्जी, एग्रो फीड, राइस मिल, मेटल, प्लास्टिक और वेयरहाउसिंग तक। इसका असर साफ है—स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके बढ़े हैं।

जमीन के झंझट खत्म करने पर फोकस

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ किया कि निवेश की सबसे बड़ी बाधा जमीन से जुड़ी उलझनें होती हैं। इसलिए निर्देश दिए गए कि हर प्रस्तावित भूमि का रिकॉर्ड साफ रहे—कहीं वनभूमि या पेड़-पौधों का विवाद न हो। मतलब, निवेशक आए तो फाइल अटके नहीं।

बैंकिंग और योजनाओं की रफ्तार भी जांची गई

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और अन्य स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा हुई। कई प्रकरणों को बैंक की मंजूरी मिली और ऋण वितरण भी हुआ, जिससे छोटे उद्यमियों को शुरुआत का आधार मिल रहा है। यह संकेत है कि सिर्फ बड़े उद्योग ही नहीं, छोटे कारोबार भी इस रफ्तार का हिस्सा बन रहे हैं।

अधोसंरचना पर सीधा एक्शन

सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साफ संकेत है—इंडस्ट्री सिर्फ जमीन पर नहीं, सुविधाओं पर भी टिकती है।

नई संभावनाओं की तलाश भी शुरू

जिले के ऐसे विकासखंड चिन्हित किए जाएंगे जहां 10 किलोमीटर के दायरे में मल्टीप्लेक्स या सीबीएसई स्कूल नहीं हैं। मकसद साफ है—नई औद्योगिक नीति के तहत इन क्षेत्रों में निजी निवेश को आकर्षित करना।

निवेश सिर्फ घोषणा नहीं, जमीन पर असर

यह बैठक सिर्फ समीक्षा नहीं रही, बल्कि दिशा तय करने वाली साबित हुई। अगर जमीन, बैंकिंग और सुविधाओं पर यही फोकस बना रहा, तो बिलासपुर में उद्योग सिर्फ बढ़ेंगे नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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