बडी खबर: छात्रा से छेड़छाड़ मामला: तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को डेढ़ साल की सजा, एक लाख जुर्माना
रामानुजगंज: छात्रा से अशोभनीय व्यवहार पड़ा भारी, प्रभारी प्राचार्य को डेढ़ साल की सजा

रामानुजगंज (पृथ्वी लाल केशरी)…छात्रा से छेड़छाड़ के एक गंभीर मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को दोषी करार देते हुए डेढ़ वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि शैक्षणिक वातावरण की मर्यादा के भी प्रतिकूल है।
शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
प्रकरण के अनुसार, शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक सह प्रभारी प्राचार्य रहे डॉ. रामभजन सोनवानी के विरुद्ध रामानुजगंज थाने में छात्रा की शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध किया गया था। छात्रा मास्टर ऑफ आर्ट्स की नियमित छात्रा थी।
प्राचार्य कक्ष में हुई घटना
छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 12 अगस्त 2024 को वह महाविद्यालयीन कार्य से संबंधित आवेदन लेकर प्राचार्य कक्ष गई थी। हस्ताक्षर के लिए निवेदन करने पर प्रभारी प्राचार्य ने आपत्तिजनक इशारों में घर आने की बात कही और आवेदन देखने से इनकार कर दिया। छात्रा का आरोप था कि इस व्यवहार से वह मानसिक रूप से भयभीत और परेशान हो गई, जिससे उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई और महाविद्यालय जाना उसके लिए डर का कारण बन गया।
जांच और न्यायिक प्रक्रिया
शिकायत के आधार पर रामानुजगंज पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 75(3) और 79 के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। साक्ष्यों, गवाहों और बयान के आधार पर अभियोजन ने अदालत में आरोप सिद्ध किए।
अदालत का फैसला
सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी प्रभारी प्राचार्य को छात्रा से छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए डेढ़ वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में पद पर बैठे व्यक्तियों से अपेक्षित आचरण का उल्लंघन समाज के लिए गंभीर संदेश देता है।





