Bhilai News/रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बड़े ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह के ठिकानों पर स्टेट जीएसटी (GST) की टीम ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन जीएसटी की 12 सदस्यीय टीम ने कारोबारी के दफ्तर और अन्य परिसरों में करीब 9 घंटे तक सघन तलाशी ली।

सुबह 11 बजे से शुरू हुई यह मैराथन कार्रवाई रात 8:30 बजे तक चलती रही, जिसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन और टैक्स से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।

ये खबर भी पढ़ें…
एकलव्य विद्यालय में 9वीं के आठ छात्रों की पिटाई का आरोप, अस्पताल पहुंचे बच्चें तो मचा हड़कंप, प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल
एकलव्य विद्यालय में 9वीं के आठ छात्रों की पिटाई का आरोप, अस्पताल पहुंचे बच्चें तो मचा हड़कंप, प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल
CG News.बलरामपुर। बलरामपुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में एकलव्य विद्यालय छात्र पिटाई का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जांच के दौरान टीम ने न केवल ‘हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी’ (HTC) के रिकॉर्ड खंगाले, बल्कि इंद्रजीत सिंह की दूसरी फर्म ‘दलबीर सिंह एंड सन्स पार्टनरशिप’ के दस्तावेज भी अपनी कस्टडी में ले लिए हैं। अब टीम साल 2020-21 से लेकर अब तक के सभी वित्तीय रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट और कंसाइनमेंट की जानकारी का मिलान कर रही है।

जीएसटी अधिकारियों की नजर कंपनी के उन वर्क ऑर्डर पर है, जो भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और दो अन्य बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों के जरिए प्राप्त हुए थे। कंपनी का कारोबार केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि ये फैक्ट्रियों से माल उठाकर देशभर के विभिन्न राज्यों में ट्रांसपोर्ट करते हैं, जिससे यह मामला काफी बड़े टर्नओवर से जुड़ा नजर आ रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
क्या छत्तीसगढ़ में बन सकती है देश की पहली आदिवासी महिला मुख्यमंत्री ?
क्या छत्तीसगढ़ में बन सकती है देश की पहली आदिवासी महिला मुख्यमंत्री ?
बिलासपुर (मनीष जायसवाल)  ।राजनीति में कोई फैसला अचानक नहीं होता। कई बार किसी बड़े निर्णय की जमीन उससे काफी पहले...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

तकनीकी जांच के तहत टीम ने ऑफिस में लगे 12 कंप्यूटरों के डिजिटल डेटा को भी स्कैन किया है। साथ ही, संस्थान में काम करने वाले करीब 20 कर्मचारियों के रिकॉर्ड और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य कागजी रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन के बीच किसी भी संभावित अंतर का पता लगाना है।

पूछताछ के दौरान कारोबारी के पुराने स्क्रैप ट्रेडिंग के व्यवसाय का भी जिक्र आया, जिसे उन्होंने वर्तमान में बंद बताया है, हालांकि विभाग पुराने रिकॉर्ड्स की भी जरूरत पड़ने पर जांच कर सकता है।

ये खबर भी पढ़ें…
बस्तरिया और सरगुजिया शिक्षकों के ट्रांसफर के बहाने विभाग के पैर में अफसर ने कुल्हाड़ी दे दी क्या……?
बस्तरिया और सरगुजिया शिक्षकों के ट्रांसफर के बहाने विभाग के पैर में अफसर ने कुल्हाड़ी दे दी क्या……?
बिलासपुर। (मनीष जायसवाल) कहते हैं किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो सारी कायनात उसे आपसे मिलने की कोशिश में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

गौरतलब है कि जीएसटी टीम ने कोर्ट से तीन दिन का सर्च वारंट हासिल किया है। मंगलवार की लंबी कार्यवाही के बाद टीम रात को वापस लौट गई, लेकिन वारंट की अवधि को देखते हुए आज बुधवार को भी टीम के दोबारा पहुंचने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले टीम ने बलौदाबाजार स्थित एक यार्ड की भी जांच की थी, लेकिन वहां मुख्य रूप से ट्रकों की पार्किंग और ड्राइवरों से संबंधित कागजात ही मिले थे। फिलहाल, इस पूरी कार्रवाई के बाद टैक्स चोरी या किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।