बिलासपुर… साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध बैंक खाते का बिलासपुर पुलिस ने खुलासा किया है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते के विरुद्ध साइबर अपराध से जुड़ी पांच ऑनलाइन शिकायतें दर्ज मिलीं। जांच में खाते में ठगी से संबंधित रकम जमा होने और यूपीआई व एटीएम के जरिए राशि के हस्तांतरण तथा आहरण के तथ्य सामने आए। मामले में एसीसीयू बिलासपुर और मल्हार पुलिस ने खाताधारक बलवान घृतलहरे (31) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस मुख्यालय रायपुर से मिले निर्देश के बाद संदिग्ध म्यूल बैंक खाते की जांच शुरू की गई थी। भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के संबंधित खाते की पड़ताल की गई। पोर्टल पर खाते के विरुद्ध पांच साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। बैंक विवरण की जांच में शिकायतों से संबंधित रकम के अलावा अन्य राशि जमा होने तथा खाते से यूपीआई और एटीएम के माध्यम से लेन-देन किए जाने की जानकारी सामने आई।

जांच में खाते का संबंध बलवान घृतलहरे, पिता शत्रुहन घृतलहरे, निवासी स्कूल पारा, परसाडीह, वार्ड क्रमांक 4, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा से मिला। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और हस्तांतरण में किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी की रकम हस्तांतरित करने की आशंका के आधार पर खाताधारक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 317(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की गई।

जांच में आरोप के समर्थन में साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब खाते से जुड़े लेन-देन और मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

इस कार्रवाई में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, उप निरीक्षक अवधेश सिंह, मल्हार चौकी प्रभारी तथा आरक्षक सतीश भारद्वाज और रमेश यादव की भूमिका रही।