बिलासपुर…ऑटो या टैक्सी में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और चालकों की पहचान को व्यवस्थित करने के लिए जिले में पंजीयन अभियान तेज कर दिया गया है। यातायात पुलिस ऑटो और टैक्सी चालकों को विशिष्ट पहचान संख्या और क्यूआर कोड से जोड़ रही है। इस काम को अगले दो दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस ने अब आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं से भी अभियान में भागीदारी की अपील की है।

शहर के चौक-चौराहों सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में क्यूआर कोड स्कैन कर पंजीयन कराया जा रहा है। यातायात पुलिस के साथ नागरिक संगठन, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, स्काउट-गाइड, ऑटो डीलर और मोटर एजेंसियां भी इस काम में सहयोग कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य जिले में चलने वाले ऑटो और टैक्सी चालकों का पंजीयन पूरा कर उनकी पहचान का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना है।

यातायात विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने बताया कि कई ऑटो चालक मोबाइल पर ऑनलाइन जानकारी भरने में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में नागरिकों का थोड़ा-सा सहयोग पंजीयन की प्रक्रिया को आसान और तेज बना सकता है। उन्होंने अपील की कि लोग ऑटो चालकों को पंजीयन के लिए प्रेरित करें और क्यूआर कोड स्कैन करने से लेकर आवश्यक जानकारी भरने तक उनकी मदद करें।

करियारे ने कहा, “यह अभियान तभी समय पर पूरा होगा, जब पुलिस और प्रशासन के साथ आम नागरिक भी अपनी भूमिका निभाएंगे। कई चालक तकनीकी रूप से उतने दक्ष नहीं हैं कि मोबाइल पर सभी जानकारियां आसानी से भर सकें। नागरिक आगे आकर उनकी मदद करें, ताकि जिले के प्रत्येक ऑटो और टैक्सी चालक का पंजीयन निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।”

उन्होंने नागरिक संगठनों और जागरूक लोगों से पंजीयन के लिए उपलब्ध क्यूआर कोड को अधिक से अधिक व्हाट्सऐप समूहों में साझा करने की अपील भी की है। इससे अभियान की जानकारी जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी और अधिक से अधिक चालक समय पर पंजीयन करा सकेंगे।