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Chhattisgarh

राशन की कतारों में गुस्सा, व्यवस्था बेनकाब; बलरामपुर सिस्टम पर सीधा सवाल

राशन पर राजनीति भारी: बलरामपुर में हितग्राही भटके, सरकार की छवि पर सवाल

बलरामपुर,( पृथ्वीलाल केशरी).. सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों ने जिले में असंतोष की रेखा गहरी कर दी है। कई इलाकों से शिकायतें आ रही हैं कि उचित मूल्य दुकानों पर राशन समय पर नहीं मिल रहा, अंगूठा लगने के बाद भी अनाज नहीं दिया जा रहा और “स्टॉक खत्म” या “लेप्स” का हवाला देकर लोगों को लौटाया जा रहा है। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं निकलने से स्थानीय स्तर पर सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है।

वाड्राफनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत गुरमुट्टी में लगभग 80 से 100 हितग्राहियों ने सेल्समैन पर अनियमितता और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार चक्कर लगाने के बाद भी राशन नहीं मिलता। उनका तर्क साफ है—समय पर वितरण न हुआ तो गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा होगा। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शी और नियमित व्यवस्था की मांग की है।

जिले की राजनीति भी इस बहस के केंद्र में है। यहां अधिकांश निर्वाचित और मनोनीत पदों पर सत्तारूढ़ दल का प्रभाव है, फिर भी जमीनी शिकायतें कम नहीं हो रहीं। सवाल उठ रहा है कि जब सत्ता और संगठन दोनों मजबूत हैं तो निगरानी और जवाबदेही क्यों ढीली है। चर्चा यह भी है कि कुछ दुकानों पर पुराने राजनीतिक रसूख का असर आज भी बना हुआ है, जिससे कार्रवाई की रफ्तार प्रभावित होती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश स्तर पर पारदर्शी वितरण और हितग्राही-केंद्रित व्यवस्था की बात कई मंचों से दोहराई है। ऐसे में जिला स्तर पर लगातार आ रही शिकायतें नीति और क्रियान्वयन के बीच की दूरी को उजागर करती हैं।

प्रशासन के सामने दोहरे सवाल हैं—पहला, जिन दुकानों पर अनियमितता के आरोप हैं, वहां त्वरित जांच और जिम्मेदारी तय कब होगी? दूसरा, वितरण प्रक्रिया को तकनीकी और सामाजिक निगरानी से कैसे जोड़ा जाएगा ताकि अंगूठा लगने के बाद राशन न मिलने जैसी शिकायतें खत्म हों?

फिलहाल, बलरामपुर में राशन की कतारें सिर्फ अनाज का इंतजार नहीं कर रहीं; वे जवाबदेही की भी प्रतीक्षा कर रही हैं।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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