बिलासपुर… कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में सोमवार दोपहर राजनीतिक टकराव उस समय दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया, जब सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर विरोध जताने पहुंचीं भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कांग्रेस भवन परिसर में प्रवेश कर गईं। हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर कांग्रेस तथा राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी कर रही भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं, कांग्रेस भवन के भीतर से कांग्रेस नेत्री सीमा पांडे की अगुवाई में इसका विरोध किया गया। कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रीय राजनीतिक दल के कार्यालय परिसर में प्रवेश कर प्रदर्शन करने को अनुचित बताया। इस तरह आरोपों पर कार्रवाई की मांग से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का आमने-सामने का दृश्य बन गया।

भाजपा महिला मोर्चा बिलासपुर शहर और ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच हुए इस प्रदर्शन में महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय और महिला मोर्चा की पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस सांसद पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस से जवाबदेही की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना था कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामले में निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच होनी चाहिए। आरोपों की सत्यता जांच में सामने आए और दोष सिद्ध होने पर कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की जाए।

महापौर पूजा विधानी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगने की स्थिति में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आए और कानून के अनुरूप कार्रवाई हो सके। भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय ने भी महिलाओं के सम्मान और छात्राओं की सुरक्षा के सवाल पर पारदर्शी जांच की मांग की। महिला मोर्चा की शहर जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा और ग्रामीण जिलाध्यक्ष गायत्री साहू ने कहा कि छात्राओं से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

कांग्रेस का पलटवार: प्रदर्शन करना अनुचित

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस भवन के भीतर से भी विरोध के स्वर उठे। कांग्रेस नेत्री सीमा पांडे की अगुवाई में कांग्रेस पक्ष ने भाजपा के प्रदर्शन का विरोध किया। सीमा पांडे ने कहा कि किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल के कार्यालय परिसर में प्रवेश कर इस तरह प्रदर्शन करना अनुचित है। उन्होंने भाजपा पर अपने राजनीतिक विरोध को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतंत्र में जब तानाशाही बढ़ती है, तब जनता अलग-अलग तरीकों से अपनी प्रतिक्रिया देती है।

सीमा पांडे ने राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लगातार लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और देश की जनता भी उनके साथ खड़ी हो रही है। उन्होंने भाजपा पर अपनी कमियों से ध्यान हटाने के लिए आक्रोश का प्रदर्शन करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि देश की जनता देख रही है कि लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ कौन खिलवाड़ कर रहा है और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश किस ओर से हो रही है। सीमा पांडे ने कहा कि जनता इसका जवाब देगी और ऐसे आचरण को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा पर दोहरी बात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग अब इस राजनीतिक रवैये को समझने लगे हैं।

 आमने-सामने आए राजनीतिक तर्क

इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा ने सांसद पर लगे कथित आरोपों को केंद्र में रखकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, जबकि कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन के तरीके को मुद्दा बनाते हुए उसे लोकतांत्रिक मर्यादा के विपरीत बताया। एक ओर भाजपा महिला मोर्चा महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा का सवाल उठाकर कांग्रेस को घेरता नजर आया, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेत्री ने राहुल गांधी के लोकतंत्र बचाने के अभियान का हवाला देते हुए भाजपा पर राजनीतिक आक्रोश दिखाने का आरोप लगाया।

राजीव भवन में हुए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब इस टकराव में दो सवाल प्रमुख हैं—सांसद पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई, तथा राजनीतिक विरोध दर्ज कराने के दौरान दलों के कार्यालयों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रति बरती जाने वाली सीमाएं। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्कों के साथ विरोध दर्ज कराया, लेकिन आरोपों की सच्चाई का निर्धारण जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही होगा।

प्रदर्शन में महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, चंदना गोस्वामी, बिंदु कछवाहा, मंजुला सिंह, जयश्री चैकसे, श्रद्धा तिवारी, रीना गोस्वामी, रीता भामरा, प्रतिभा मिश्रा, कमला शुक्ला, सुमन यादव, वंदना तिवारी, सोनम साहू, मीना गोस्वामी, पूजा खत्री, कविता वर्मा, रईसा बेगम, गायत्री सोनी, रुक्मणी सोनी, रेखा सूर्यवंशी, अनीता परिहार, ललिता सूर्यवंशी, संतोषी ठाकुर, सुधा, दुर्गा साहू, रोशनी यादव, उमा मानिकपुरी, लक्ष्मी वैष्णव, पूनम श्रीवास, नंदनी साहू, अंकिता शुक्ला, रीना भट्ट, जूही वर्मा, लालकुंवर पटेल, गंगिया बाई साहू, अगिया तिवारी, संजीवनी ठाकुर और गंगा साहू सहित महिला मोर्चा की कार्यकर्ता मौजूद रहीं।