होली-रमजान से पहले पुलिस का अलर्ट मोड: लंबित अपराध, NDPS और साइबर पर SP की सीधी समीक्षा
अपराध समीक्षा बैठक में साफ संकेत दिया—लंबित प्रकरण अब केवल सूची का हिस्सा नहीं रहेंगे

बलरामपुर(पृथ्वी लाल केशरी)…त्योहारों से पहले जिले की पुलिस ने फाइलें खोलीं और आंकड़ों के पीछे छिपी हकीकत टटोली। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने अपराध समीक्षा बैठक में साफ संकेत दिया—लंबित प्रकरण अब केवल सूची का हिस्सा नहीं रहेंगे, निपटारे की समयसीमा तय होगी।
बैठक में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराध, मर्ग, गुमशुदगी, महिलाओं से जुड़े अपराध, पॉक्सो प्रकरण और प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की बारीकी से समीक्षा हुई। ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता बच्चों की खोज की प्रगति पर भी सवाल हुए।
NDPS और साइबर अपराध पर विशेष फोकस रहा। नशीले पदार्थों के नेटवर्क, अवैध कारोबार और डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेज कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आईटी अधिनियम से जुड़े मामलों की जांच में तकनीकी दक्षता बढ़ाने और थाना स्तर पर सतर्कता मजबूत करने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था भी एजेंडा में रही। दुर्घटनाओं की रोकथाम, हेलमेट और सीट बेल्ट अभियान तथा संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
होली और रमजान को देखते हुए कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता पर रखा गया। शांति समिति की बैठकें आयोजित कर सामुदायिक संवाद मजबूत करने और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया। संदेश साफ रहा—त्योहार उत्सव बनें, तनाव नहीं।
बैठक में एसडीओपी रामावतार ध्रुव, मो. याकूब मेमन, बाजीलाल सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद किस्पोट्टा, डीएसपी अजाक कमलेश्वर भगत सहित सभी थाना व चौकी प्रभारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





