हादसे के बाद संवेदना नहीं, साथ लेकर पहुँचे मंत्री नेताम: शोकाकुल परिवारों से मिलकर बंधाया ढांढस
प्रभावित परिवारों तक सहायता संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ पहुँ

बलरामपुर (पृथ्वी लाल केशरी)…ओरसा घाटी में हुई हृदयविदारक बस दुर्घटना के बाद शोक और पीड़ा में डूबे ग्राम पीपरसोत के ग्रामीणों के बीच प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम पहुँचे। उन्होंने हादसे में अपनों को खोने वाले परिजनों के साथ बैठकर उनका दुःख साझा किया और गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह दुर्घटना केवल कुछ परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक पीड़ा है। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
ग्राम पीपरसोत में आत्मीय चर्चा के दौरान जब परिजनों ने दिवंगत स्वजनों के अंतिम संस्कार हेतु वाराणसी जाने की इच्छा जताई, तो मंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सुरक्षित परिवहन की समुचित व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। साथ ही ग्रामीणों द्वारा रखी गई अन्य समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।
मंत्री ने मौके पर उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों तक सहायता संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ पहुँचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देशित किया कि घायलों को बेहतर इलाज, देखभाल और फॉलोअप चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें घर पर ही समुचित उपचार मिल सके।
चिकित्सालय में घायलों से मिले, दिया भरोसा
इसके पश्चात मंत्री रामविचार नेताम ने जिला चिकित्सालय पहुँचकर दुर्घटना में घायल लोगों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
मंत्री ने कहा कि हर घायल का शीघ्र स्वस्थ होना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने घायलों को आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।





