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CG NEWS:मार्च 2021 से अप्रैल 2025 तक 49 महीने में बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से 140499 यात्रियों ने यात्रा की

बुनियादी सुविधाएं जैसे कन्वेयर बेल्ट, एरो ब्रिज ,सुलभ टैक्सी सुविधा ,कैंटीन ,विमान तक पहुंचाने के लिए बस, कुछ भी न होने के बावजूद इतने यात्रियों ने यात्रा की

CG NEWS:बिलासपुर । हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासपुर एयरपोर्ट के उपयोगिता पर प्रश्न चिन्ह लगने वाले लोगों को आंकड़ों के माध्यम से करारा जवाब दिया है। समिति ने बताया कि 1 मार्च 2021 को एयरपोर्ट प्रारंभ होने के बाद अप्रैल 2025 तक 49 महीने में कुल 140499 यात्रियों ने बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से यात्रा की है। अगर बिलासपुर अंबिकापुर के 19 सीटर विमान को हटा दिया जाए तो प्रति विमान यह यात्री 50 से ऊपर हर उड़ान पर आते हैं। जोकि एक बहुत अच्छी संख्या यह देखते हुए हैं कि बिलासपुर में केवल 72 सीटर विमान संचालित हो सकता है और उसमें भी गर्मी के चार महीने अधिक तापमान होने के कारण 60 से अधिक सवारी की बुकिंग नहीं ली जाती है। बिलासपुर एयरपोर्ट का रनवे छोटा होने के कारण पूरे फुल लोड के साथ विमान टेक ऑफ करने में परेशानी आ सकती है यह देखते हुए यात्रियों की संख्या गर्मी के चार महीने घटा दी जाती है।

हवाई सुविधा जनसंघर समिति ने कहा कि बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के टर्मिनल में ना तो सामान ले जाने लाने के लिए कन्वेयर बेल्ट है ना ही यात्रियों को विमान तक पहुंचाने के लिए बस इसके अलावा टैक्सी सुविधा की स्थिति बहुत खराब है एयरपोर्ट पर टर्मिनल भवन छोटा है कैंटीन भी पर्याप्त नहीं है यह सब को देखते हुए भी जितनी बड़ी संख्या में यात्रियों ने बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से यात्रा की है वह बताता है कि बिलासपुर में सर्व सुविधा युक्त एयरपोर्ट होने पर वह बहुत अधिक सफल रहेगा।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि बड़ी संख्या में यात्री एटीआर विमान जिसमें पंखे होते हैं उसमें यात्रा करने से हिचकते हैं । हालांकि विश्व में एटीआर विमान को सर्वाधिक सुरक्षित माना जाता है और दुर्घटना के आंकड़ों के हिसाब से सबसे न्यूनतम दुर्घटनाएं एटीआर विमान की आज तक हुई है। फिर भी इसमें यात्रा समय का अधिक लगना विमान के बोइंग और एयरबस के मुकाबले कम ऊंचाई पर उड़ने के कारण बड़ी संख्या में यात्री बोइंग और एयर बस से ही यात्रा करना पसंद करते हैं। इन बड़े विमान की बिलासपुर में लैंडिंग तभी संभव है जब यहां पर कम से कम 2300 मी का रनवे बनाया जाए जो की एक 4c एयरपोर्ट में ही संभव है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा की बिलासपुर से महानगरों तक सीधी उड़ान के लिए लंबे समय से मांग हो रही है। जिन सप्ताह में दो दिन दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान दी गई है ।उसे भी पिछले चार महीना के आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जहां दिल्ली में यात्रियों की संख्या 50 से 60 के बीच प्रति उड़ान है वहीं कोलकाता की उड़ान भी 45 से 50 यात्रियों के साथ आना-जाना कर रही है। यह सीधी उड़ाने सप्ताह में केवल दो-दो दिन है अर्थात यात्री को अपनी सुविधा के दिन का इंतजार करना पड़ता है यदि यही उड़ने प्रतिदिन चलने लगे तो इसमें यात्रियों की संख्या और अधिक बढ़ेगी जैसा कि हमेशा होता आया है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने पुनः जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ के लगभग 15 जिलों और मध्य प्रदेश के तीन जिलों के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट बिलासपुर को 4c एयरपोर्ट के रूप में विकसित किए जाने पर यह एक सफल एयरपोर्ट साबित होगा और राज्य तथा केंद्र सरकारों को इस बारे में किसी तरह के पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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