कलेक्टर का अफसरों को सख्त अल्टीमेटम…कागज़ी प्रगति नहीं…, ज़मीनी परिणाम चाहिए
फाइल नहीं, फैसलों की रफ्तार दिखनी चाहिए

बलरामपुर। (पृथ्वीलाल केशरी)..समय-सीमा की बैठक इस बार औपचारिकता से आगे बढ़ी। कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने साफ कहा—प्रगति अब फाइलों में नहीं, ज़मीन पर दिखनी चाहिए। राजस्व प्रकरणों की लंबी कतार पर सीधे सवाल उठे। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों में देरी पर कड़ी नाराज़गी जाहिर हुई। निर्देश स्पष्ट—तय समयसीमा में निपटारा हो, लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी।
प्रधानमंत्री आवास के अधूरे निर्माण पर भी सख्ती दिखी। लंबित प्रकरणों की सूची अपडेट कर निर्माण में तेजी लाने को कहा गया। आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य के सूचकांकों की जमीनी हकीकत पर समीक्षा हुई। संदेश गया—आंकड़ों का खेल नहीं चलेगा, सेवाएं लोगों तक पहुंचें।
जल जीवन मिशन की समीक्षा में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर रहा। स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सक्रियता, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश मिले।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर आगामी त्योहारों को देखते हुए चौकसी बढ़ाने का आदेश दिया गया। सीमावर्ती चेकपोस्टों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
एनसीओआरडी बैठक में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की रणनीति बनी। स्कूल-कॉलेज स्तर पर जागरूकता अभियान और संयुक्त अभियान को तेज करने पर सहमति बनी। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को लेकर स्पष्ट निर्देश—आवेदन इधर-उधर नहीं घूमेंगे, तय समय में समाधान सामने आए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वन मंडल अधिकारी आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, एसडीएम अभिषेक गुप्ता सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।




