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Chhattisgarh

जनचौपाल में प्राप्त शिकायत पर की गई कार्रवाई … पंचायत सचिव निलंबित

बलरामपुर/ जनचौपाल में  जिला पंचायत सीईओ के समक्ष रिखू राम पिता भाको द्वारा ग्राम चैनपुर के पंचायत सचिव स्पात राम के विरूद्ध प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत स्वीकृत आवास हेतु प्राप्त प्रथम एवं द्वितीय किश्त की कुल राशि 01 लाख रुपये आवास बनवाये जाने हेतु लिये जाने एवं उसके पश्चात भी आवास नहीं बनाये जाने के संबंध में शिकायत किया गया।

प्राप्त शिकायत के संबंध में मौके पर उपस्थित सरपंच ग्राम पंचायत चैनपुर एवं उपस्थित ग्रामीणों के समक्ष पंचनामा तैयार कराया गया। जिसमें पंचायत सचिव के द्वारा राशि लिये जाने के संबंध में लेख है।

मौके पर उपस्थित पंचायत सचिव से भी उपरोक्त शिकायत के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण लिया गया। पंचायत सचिव द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया कि हितग्राही रिखू राम का आवास उनके द्वारा बनाया जा रहा है। जिसका कार्य प्लिंथ लेवल तक हुआ है। साथ ही हितग्राही से 01 लाख रूपये लेना स्वीकार किया गया। इस प्रकार प्राप्त शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाया गया है।

स्पात राम, पंचायत सचिव का उपरोक्त कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम तीन (1) (2) (3) के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में आता है। उनके उक्त कृत्य के लिए श्री स्पात राम को  पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 के तहत् जिला पंचायत सीईओ  के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कुसमी में संलग्न किया गया है।निलंबन अवधि में  स्पात राम को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर लिमिटेड केंद्र के द्वारा प्रदेश में 9 से 23 फरवरी तक स्मार्ट मीटर पखवाड़ा मनाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लाभ से अवगत कराना है।

इसी कड़ी में उपसंभाग राजपुर में 14 फरवरी एवं बलरामपुर में 15 फरवरी को 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। कार्यपालन अभियंता ने सभी से पखवाड़ा में शामिल होने की अपील की है।

कार्यपालन अभियंता विद्युत  पी. के. अग्रवाल ने जानकारी दी है कि स्मार्ट मीटर लगाने से विद्युत खपत की मासिक, दैनिक एवं प्रत्येक आधे घंटे में की जानकारी पंजीकृत मोबाइल के माध्यम से कहीं भी देखी जा सकती है। जिससे विद्युत की अनावश्यक खपत में कमी कर पैसों की बचत किया जाना संभव होता है। विद्युत रीडिंग में मानवीय हस्तक्षेप नहीं होने से रीडिंग में गड़बड़ी की संभावना नहीं रहती। साथ ही स्मार्ट मीटर पूर्णतः निःशुल्क लगाया जा रहा है।

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