भाजपा नेता ने मांगी इच्छा मृत्यु, भूपेश बघेल ने उठाया जिम्मा: कहा..मैं कराऊंगा अच्छा इलाज

रायपुर…छत्तीसगढ़ में राजनीति और समाज को झकझोर देने वाली एक मानवीय घटना सामने आई है। भाजपा पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव, जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रायपुर सभा में जाते समय हुए सड़क हादसे में स्थायी रूप से विकलांग हो गए थे। नआर्थिक तंगी और लगातार बिगड़ती सेहत से टूटकर मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
यादव ने एक पत्र लिखकर अपनी व्यथा सार्वजनिक की। उन्होंने इलाज के बढ़ते खर्च और परिवार की टूट चुकी आर्थिक स्थिति का दर्द बयां किया है।
भूपेश बघेल का भावुक आश्वासन
घटना की खबर मिलते ही प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यादव और उनकी पत्नी से फोन पर बात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि रायपुर में उनके इलाज की संपूर्ण व्यवस्था की जाएगी।
बघेल ने X (ट्विटर) पर लिखा सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि विशंभर यादव को बेहतर इलाज दिलाना और स्वस्थ करना उनकी प्राथमिकता होगी।
क्या है हादसे की पृष्ठभूमि
जुलाई 2023 में सूरजपुर जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर रायपुर जा रही बस बेमेतरा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में दो कार्यकर्ताओं की मौत हुई,।जबकि यादव गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली एम्स में उनका रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ, लेकिन वे स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए। इलाज में एक महीने से अधिक समय लगा और करोड़ों का खर्च परिवार ने खुद उठाया। शुरुआती दिनों में पार्टी की ओर से मदद का भरोसा मिला। लेकिन समय बीतने के साथ यह सहयोग कम हो गया।
आर्थिक संकट और नाराजगी
विशंभर यादव के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में इलाज पर 30-35 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं । हर महीने 30-40 हजार रुपये का अतिरिक्त मेडिकल खर्च हो रहा है। परिवार की जमा पूंजी खत्म हो चुकी है।,पत्नी के जेवर बिक गए और रिश्तेदारों से कर्ज लेना पड़ा। उन्होंने दुख जताया कि पार्टी उन्हें ‘कार्यकर्ताओं की रीढ़’ कहती रही। लेकिन मुश्किल वक्त में किसी ने साथ नहीं दिया। यहां तक कि उनके दोनों शिक्षित बेटों को नौकरी तक नहीं मिली।
इच्छा मृत्यु की गुहार
आर्थिक और मानसिक संकट से जूझते यादव ने कहा, “जब जीना ही बोझ बन जाए और इलाज का खर्च उठाना संभव न हो, तो मर जाना ही बेहतर है।” पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए उन्हें आश्वासन दिया है कि उनका इलाज रायपुर में पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जाएगा।