डबल इंजन में 4C लाइसेंस अटका, बिलासा की उड़ान थमी टाटा महाराज का सीधा हमला “जनप्रतिनिधि कमजोर, बिलासपुर मजबूर
महेश दुबे का आरोप—मंत्रियों की मौजूदगी के बावजूद बिलासपुर को नहीं मिला 4C लाइसेंस, उड़ानों में भी कमी

बिलासपुर…बिलासा दाई केंवट एयरपोर्ट को लेकर एक बार फिर सियासी ताप बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव महेश दुबे उर्फ टाटा महाराज ने मौजूदा जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि केंद्र और राज्य में प्रभावशाली मंत्रियों की मौजूदगी के बावजूद बिलासपुर को पूर्ण विकसित एयरपोर्ट का दर्जा क्यों नहीं मिल पा रहा।
दुबे ने कहा कि बिलासपुर का इतिहास संघर्षों से बना है, जहां विश्वविद्यालय से लेकर रेलवे जोनल मुख्यालय, मेडिकल कॉलेज और हाईकोर्ट तक हर बड़ी उपलब्धि के पीछे जनता और युवाओं का सामूहिक दबाव रहा है। उसी क्रम में हवाई सेवा भी शुरू हुई, लेकिन अब उसी पर कटौती हो रही है। उनके मुताबिक, जिन उड़ानों की शुरुआत बड़े प्रयासों के बाद हुई थी, उनमें कमी आना सीधे तौर पर क्षेत्रीय नेतृत्व की कमजोरी को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एयरपोर्ट को 4C लाइसेंस देने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं दिख रही, जबकि यह बिलासपुर को महानगरों से सीधे जोड़ने के लिए आवश्यक है। दुबे के अनुसार, 400 से अधिक संगठनों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों के लंबे संघर्ष के बाद यह सुविधा मिली थी, लेकिन अब उसकी निरंतरता और विस्तार पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
दुबे ने बिना नाम लिए जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि नेतृत्व केवल पद से नहीं, बल्कि परिणाम से साबित होता है। अगर दिशा होने के बावजूद मंजिल तक पहुंचाने का साहस न हो, तो ऐसा नेतृत्व समाज और क्षेत्र दोनों के लिए निष्प्रभावी साबित होता है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की जनता ने हमेशा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई है, लेकिन इस बार जिम्मेदारी निर्वाचित प्रतिनिधियों की है, जो अपेक्षा के अनुरूप सक्रिय नहीं दिख रहे।
उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि हवाई सेवाओं में कटौती और विकास की गति इसी तरह प्रभावित होती रही, तो यह केवल एक सुविधा का मुद्दा नहीं रहेगा, बल्कि बिलासपुर की अस्मिता और भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल बन जाएगा।





