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Chhattisgarh

जल जीवन मिशन में ‘भुगतान घोटाला’ का विस्फोट: 100 करोड़ अटका, ठेकेदारों का बवाल—आत्मदाह की चेतावनी

100 करोड़ अटका, धैर्य टूटा: जल जीवन मिशन में ठेकेदारों का खुला विद्रोह

अंबिकापुर ( पृथ्वीलाल केसरी)..लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दफ्तर के बाहर शनिवार को जल जीवन मिशन से जुड़े ठेकेदारों का गुस्सा फूट पड़ा। काम पूरा होने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से नाराज ठेकेदार बड़ी संख्या में दफ्तर पहुंच गए और सीधे जिम्मेदार अफसरों से जवाब मांगने लगे।

100 करोड़ अटका, 200 से ज्यादा ठेकेदार परेशान

ठेकेदारों ने साफ आरोप लगाया—संभाग भर के 200 से अधिक ठेकेदारों का 100 करोड़ रुपए से ज्यादा भुगतान पिछले दो साल से अटका है। हालात यह कि एक तरफ नए काम का दबाव, दूसरी तरफ पुराने बिलों का कोई हिसाब नहीं। कई ठेकेदारों को बैंक नोटिस मिलने लगे हैं।

कमीशन का खेल? काम पूरा, मूल्यांकन अधूरा

ठेकेदारों का आरोप सीधे इंजीनियरों पर है। कहा गया—कमीशन नहीं देने पर काम का पूरा मूल्यांकन ही नहीं होता। नतीजा, बिल फाइलों में दबे रहते हैं। कई ठेकेदारों ने डेढ़ साल पहले बिल लगा दिए, लेकिन भुगतान अब तक नहीं मिला।

कार्यपालन अभियंता से घेराव जैसी स्थिति

नाराज ठेकेदारों ने कार्यपालन अभियंता से मुलाकात कर पूरी स्थिति सामने रखी। दफ्तर के भीतर माहौल तनावपूर्ण रहा और ठेकेदारों ने साफ कहा—अब सिर्फ आश्वासन नहीं, भुगतान की तारीख चाहिए।

आत्मदाह की चेतावनी ने बढ़ाया दबाव

मामले ने उस वक्त गंभीर मोड़ लिया जब रजनीकांत नाम के एक ठेकेदार ने भुगतान नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी देते हुए कलेक्टर और एसपी को आवेदन सौंप दिया। इसके बाद ठेकेदार संघ पूरी तरह सक्रिय हुआ और सीधे विभाग का रुख किया।

ट्रांसफर-रद्द का खेल, राजनीतिक दबाव के आरोप

ठेकेदारों ने एक इंजीनियर धर्मेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए—परेशान करने, फाइलें रोकने और दबाव बनाने के। लगातार शिकायतों के बाद 6 मार्च 2026 को ट्रांसफर हुआ, लेकिन 10 मार्च को आदेश रद्द हो गया। ठेकेदारों का आरोप—राजनीतिक पहुंच के कारण कार्रवाई बेअसर रही। दावा किया गया कि संबंधित इंजीनियर पिछले 8 साल से यहीं जमे हैं।

योजना जनता की या सिस्टम का खेल?

जल जीवन मिशन जैसे अहम प्रोजेक्ट में भुगतान अटका, कमीशन के आरोप और कार्रवाई पर सवाल—पूरा मामला अब सिर्फ ठेकेदारों की परेशानी नहीं रहा। यह सीधे उस सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है, जो गांवों तक पानी पहुंचाने का दावा करता है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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