40 लाख का बीमा..युवक ने रची ‘मौत’ की कहानी..,पुलिस ने किया राज़फ़ाश

जांजगीर-चांपा… पिता पर चढ़े कर्ज का बोझ चुकाने और बीमा की भारी रकम पाने की चाहत में एक युवक ने अपनी ही मौत का ड्रामा रच डाला। लेकिन जांजगीर-चांपा पुलिस और साइबर टीम की तत्परता से यह कहानी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। पुलिस ने युवक को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है।
कर्ज उतारने का बना था प्लान
तनौद थाना शिवरीनारायण निवासी कौशल श्रीवास उर्फ मोनू के पिता पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था। घर की आर्थिक हालत सुधारने की नीयत से युवक ने बीमा राशि हासिल करने के लिए अपनी मौत का झूठा नाटक रचा। उसका 40 लाख रुपये का बीमा था।
बाइक और मोबाइल को बनाया सबूत
19 अगस्त को युवक घर से मां का मोबाइल और अपनी मोटरसाइकिल लेकर निकला। रात में शिवनाथ नदी के पुल के पास उसकी बाइक और मोबाइल फोन मिला । परिवार और पुलिस को लगा कि युवक नदी में कूद गया है। इस आधार पर गुम इंसान का मामला दर्ज हुआ।
दिल्ली-फरीदाबाद की सफरगाथा
जांच में खुलासा हुआ कि युवक जानबूझकर बाइक और फोन नदी किनारे छोड़कर बस से बिलासपुर पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर दिल्ली और फरीदाबाद तक गया। फिर 23 अगस्त को वह दोबारा बिलासपुर लौट आया।
साइबर टीम ने सुलझाई पहेली
साइबर टीम ने युवक के सोशल मीडिया और कॉल डिटेल्स खंगालकर उसकी लोकेशन का पता लगाया। मुखबिर की मदद से युवक को बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र से बरामद कर लिया गया।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
जांजगीर-चांपा एसपी विजय कुमार पांडे और एएसपी उमेश कुमार कश्यप के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पूछताछ में युवक ने अपने इरादे कबूलते हुए बताया कि वह पिता का कर्ज चुकाने के लिए बीमा राशि पाने का प्लान बना रहा था। पुलिस अब इस मामले में वैधानिक कार्रवाई करेगी।





