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Bilaspur

20 घंटे की आग, अब भारी धाराओं की मार: राम मंदिर रोड कांड में कानून का शिकंजा कसा

जनदबाव के बाद बदली कार्रवाई की दिशा… अवैध भंडारण, लाइसेंस और सुरक्षा पर जांच तेज

अंबिकापुर: ( पृथ्वी लाल केशरी)राम मंदिर रोड स्थित बहुचर्चित अग्निकांड अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती दौर में मामूली धाराओं में दर्ज प्रकरण अब गंभीर कानूनी दायरे में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, अब ऐसे प्रावधान जोड़े जा रहे हैं जिनमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा संभव है।

23 अप्रैल 2026 को मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में लगी आग ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग को काबू पाने में करीब 20 घंटे लगे। लगभग 5 लाख लीटर पानी खर्च हुआ, फिर भी कई दिनों तक धुआं उठता रहा। यह सिर्फ आग नहीं थी—यह सुरक्षा व्यवस्था की परतें खोलने वाली घटना बन गई।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि घनी आबादी वाले राम मंदिर रोड जैसे इलाके में ज्वलनशील सामग्री और पटाखों का भंडारण आखिर कैसे हो रहा था? जानकारी सामने आई कि दुकान का लाइसेंस शहर से बाहर का था, लेकिन संचालन शहर के बीचोंबीच जारी था। यहीं से प्रशासनिक निगरानी और अनुमति प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।

इस पूरे मामले को जनचर्चा में बनाए रखने में सामाजिक कार्यकर्ता और असिस्टेंट प्रोफेसर अकील अहमद अंसारी की भूमिका प्रमुख रही। उन्होंने घटनास्थल से लगातार जानकारी जुटाई, पीड़ितों की स्थिति सामने रखी और सोशल मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर सीधे सवाल उठाए। शहर में यह धारणा बनी कि अगर लगातार दबाव नहीं बनता, तो मामला हल्की धाराओं में ही सीमित रह जाता।

26 अप्रैल की रात पुलिस ने अपराध दर्ज किया, लेकिन शुरुआती धाराओं को लेकर सवाल उठे। इसके बाद जनदबाव बढ़ा, जांच का दायरा विस्तृत हुआ और 27 अप्रैल को फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया।

इसके बाद सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा के हस्तक्षेप से कार्रवाई में तेजी आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण की जांच भी तेज कर दी गई।

अब जांच सिर्फ आग लगने तक सीमित नहीं है—यह उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश है, जहां लाइसेंस, सुरक्षा मानक और निगरानी तीनों पर सवाल हैं।

शहर में अकील अहमद अंसारी की भूमिका को लेकर चर्चा है कि उन्होंने एक सक्रिय नागरिक की तरह मुद्दे को जिंदा रखा और जवाबदेही की मांग को लगातार उठाया।

अब लोगों की मांग साफ है—सिर्फ केस दर्ज करना काफी नहीं, बल्कि उन सभी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने नियमों की अनदेखी की या अवैध गतिविधियों को संरक्षण दिया।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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