1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प’ बजट: महिलाओं को संपत्ति में 50% पंजीयन छूट, विकास की धुरी पर बिलासपुर
समावेशी विकास की थीम के साथ तीसरा बजट, प्रदेशव्यापी घोषणाओं में न्यायधानी की हिस्सेदारी पर नजर

रायपुर/बिलासपुर… छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह विष्णु देव साय सरकार का तीसरा बजट है। सरकार ने इसे “संकल्प” थीम के साथ रखा और स्पष्ट किया कि फोकस समावेशी विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महिला सशक्तिकरण पर रहेगा।
महिला सशक्तिकरण पर सबसे बड़ा दांव
बजट की सबसे चर्चित घोषणा महिलाओं के नाम पर घर या जमीन की खरीद पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट रही। सरकार इसे आर्थिक भागीदारी और संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने वाला कदम बता रही है। महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया, जबकि 18 वर्ष पूर्ण करने वाली बेटियों को दुर्गावती योजना के तहत 1.5 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान हुआ। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया कि महिला केंद्रित योजनाएं बजट की केंद्रीय धुरी रहेंगी।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में रायपुर में 200 बिस्तरों का नया अस्पताल स्थापित करने की घोषणा हुई। शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का प्रावधान दोहराया गया। तीन नए नर्सिंग कॉलेज, पांच नालंदा लाइब्रेरी और अबूझमाड़-जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की योजना सामने आई। सुरक्षा के क्षेत्र में 15 नए पुलिस थाने, 5 साइबर थाने और बस्तर फाइटर में 1,500 नई भर्तियों का प्रावधान रखा गया।
उद्योग, अधोसंरचना और निवेश
सरकार ने 23 नए औद्योगिक पार्क विकसित करने और उद्योग विभाग का बजट तीन गुना बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। मेट्रो परियोजना के लिए 9,450 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया। 36 सड़कों के विकास और हवाई अड्डों के उन्नयन पर भी फोकस किया गया।
बिलासपुर को क्या मिला?
प्रदेशव्यापी घोषणाओं के बीच बिलासपुर के संदर्भ में सबसे स्पष्ट उल्लेख एयरपोर्ट विकास के लिए प्रावधान का रहा। बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन के लिए राशि तय की गई है, जिससे कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। औद्योगिक पार्क और सड़क विकास जैसी राज्यस्तरीय योजनाओं का लाभ बिलासपुर को भी मिल सकता है, लेकिन शहर के लिए किसी अलग विशेष पैकेज, मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी विस्तार या न्यायधानी आधारित अधोसंरचना परियोजना की अलग घोषणा सामने नहीं आई।
बिलासपुर, जो न्यायधानी और संभागीय मुख्यालय की पहचान रखता है, वहां स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विस्तार को लेकर अपेक्षाएं अधिक थीं। बजट ने अवसर का संकेत दिया है, पर स्पष्ट जिला-वार खाका अभी सामने आना बाकी है।
तीन प्रमुख संदेश
पहला, महिला सशक्तिकरण को आर्थिक आधार देने की स्पष्ट कोशिश। दूसरा, अधोसंरचना और औद्योगिक निवेश के जरिए रोजगार सृजन का लक्ष्य। तीसरा, सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संस्थागत ढांचे को मजबूत करने की रणनीति।
1.72 लाख करोड़ का यह ‘संकल्प’ बजट प्रदेश को विकास की नई रेखा देने का दावा करता है। अब नजर इस पर रहेगी कि घोषणाओं की यह रूपरेखा ज़मीन पर कितनी तेजी से उतरती है और बिलासपुर जैसे प्रमुख शहर इस विकास मानचित्र में कितनी स्पष्ट जगह बना पाते हैं।




