न्यायिक व्यवस्था के साइलेंट स्तंभों को सम्मान: उच्च न्यायालय में विदाई समारोह
उच्च न्यायालय में सेवा का सम्मान: तीन अधिकारियों की विदाई में दिखी संस्थागत गरिमा

बिलासपुर …उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर में आज एक गरिमामय समारोह के बीच दीर्घकालीन सेवा देने वाले अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने की, जहां न्यायिक व्यवस्था के प्रति समर्पित सेवाओं को औपचारिक रूप से सराहा गया।
सेवा और समर्पण का संस्थागत सम्मान
समारोह में मुख्य लेखाधिकारी श्यामन प्रसाद देवांगन, एडिशनल रजिस्ट्रार अशेष श्रीवास्तव और अनुभाग अधिकारी कुंवर सिंह अग्रे को सेवानिवृत्ति पर स्मृति चिन्ह, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि न्यायिक संस्थान में वर्षों तक निभाई गई जिम्मेदारियों की सार्वजनिक स्वीकृति के रूप में सामने आया।
तीन दशकों की सेवा, कई पदों का अनुभव
सम्मानित अधिकारियों की सेवा यात्रा न्यायिक प्रणाली की निरंतरता और संस्थागत मजबूती का उदाहरण रही।
श्यामन प्रसाद देवांगन ने 1986 में जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर से अपनी सेवा शुरू की और विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए मुख्य लेखाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए।
अशेष श्रीवास्तव ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय से अपनी सेवा की शुरुआत कर बिलासपुर में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं और एडिशनल रजिस्ट्रार के पद तक पहुंचे। कुंवर सिंह अग्रे ने दुर्ग से सेवा प्रारंभ कर उच्च न्यायालय में विभिन्न दायित्वों को निभाते हुए अनुभाग अधिकारी के रूप में अपनी पारी पूरी की।
संस्थागत अनुशासन और परंपरा का संदेश
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि न्यायिक व्यवस्था केवल फैसलों से नहीं, बल्कि उसे संचालित करने वाले अनुभवी और समर्पित मानव संसाधन से भी मजबूत होती है। सेवानिवृत्ति के अवसर पर इस तरह का सम्मान संस्थान की परंपरा और कार्य संस्कृति को भी रेखांकित करता है।





